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20 से 35 की उम्र के लोग में बढ़ रही हैं आंखों की ये 10 बीमारियां, कमजोर नजर के साथ बढ़ रहा है अंधापन

World eyesight day 2022: विश्व दृष्टि दिवस, आंखों की देखभाल से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस साल यह दिन आज यानी 13 अक्टूबर को मनाया जा रहा है।

Written By Pallavi
Published : October 13, 2022 2:03 PM IST

World eyesight day: आंख हमारे शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक है। ये इतना बहुमूल्य है कि इसका कोई विकल्प नहीं है। अगर आपकी आंखें खराब हो गई तो आप बहुत मुश्किल से इसे सही कर पाएंगे। विश्व स्तर पर, कम से कम 2.2 बिलियन लोगों को निकट या दूर दृष्टि दोष है। इनमें से कम से कम 1 बिलियन या लगभग आधे मामलों में, दृष्टि हानि यानी कि अंधेपन को रोका जा सकता था। इसके लिए जरूरी ये है कि आप सही समय पर डॉक्टर के पास जाएं और अपनी आंखों का इलाज करवाएं। लेकिन, उससे पहले जरूरी ये है कि आप जानें कि दुनिया भर में आंखों की कितनी बीमारिया हैं। तो, आइए Dr. Janhvi Mehta, Consultant Ophthalmologist & Vitreoretinal Surgeon. MBBS, DNB ( Ophthal ), Disso ( European Society ), MAS ( Vienna ), FRCS ( Glasgow), Jaslok Hospital & Research Centre से जानते हैं आंखों की 10 बीमारियां।

आंखों में कौन कौन से रोग हो सकते हैं-10 common eye diseases in hindi

1. अनकरेक्टेड रिफ्रैक्टिव एरर की समस्या-Uncorrected refractive errors

अनकरेक्टेड रिफ्रैक्टिव एरर (Uncorrected refractive errors) में मायोपिया जैसे पास का ना दिखना, हाइपरोपिया या दूरदृष्टि, कोई भी चीज सही से ना दिखना (astigmatism) और प्रेस बायोपिया (presbyopia) शामिल हैं जो 40-50 वर्ष की आयु के बीच होती हैं।

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2. मोतियाबिंद-Cataract

मोतियाबिंद (Cataract) की समस्या में आंखों पर एक बादल जैसा आ जाता है और ये दुनिया भर में अंधेपन का प्रमुख कारण है, इसे सर्जरी और लेंस इम्प्लांटेशन द्वारा ठीक किया जाता है।

3. मस्कुलर डिजेनरेशन-Age-related macular degeneration (AMD)

यह उम्र बढ़ने से जुड़ा एक नेत्र विकार है और इसके परिणामस्वरूप सेंट्रल साइड को नुकसान पहुंचता है। वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने और पढ़ने और ड्राइविंग जैसे सामान्य दैनिक कार्यों में मुश्किल आती है।

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4. ग्लूकोमा-Glaucoma

ग्लूकोमा आंख की ऑप्टिक तंत्रिका को नुकसान पहुंचा सकता है और इसके कारण आप अंधेपन के शिकार भी हो सकते है और आंखों के दबाव में वृद्धि हो सकती है।

5. रेटिनोपैथी-Diabetic retinopathy

डायबिटीक रेटिनोपैथी, डायबिटीज से जुड़ी की एक सामान्य जटिलता है। यह रेटिना की ब्लड वेसेल्स को क्षति पहुंचाती है, जो आंख के पीछे प्रकाश-संवेदनशील टिशूज है जो सही से देख पाने के लिए जरूरी है।

6. एंबीलिया-Amblyopia

एंबीलिया को 'आलसी आंख' के रूप में भी जाना जाता है, जो बच्चों में दृष्टि हानि का सबसे आम कारण है। यह तब होता है जब आंखों में से एक में दृष्टि कम हो जाती है क्योंकि आंख और मस्तिष्क एक साथ ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। आंख अपने आप सामान्य दिखती है, लेकिन सामान्य रूप से इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है इसलिए यह आलसी हो जाता है।

7. कॉर्नियल संक्रमण -Corneal opacity

कॉर्नियल संक्रमण या अल्सरेशन के बाद कॉर्नियल प्रॉब्लम्स होती है। कॉर्नियल ट्रांसप्लांटेशन द्वारा इलाज किया जाता है। ये किसी को भी हो सकता है, जिससे आंखों की दिक्कत बढ़ सकती है।

8. ट्रेकोमा-Trachoma

ट्रेकोमा आंख का एक रोग है जो क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस जीवाणु के संक्रमण के कारण होता है। यह 44 देशों में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है और लगभग 1.9 मिलियन लोगों में अंधापन या दृश्य हानि का कारण बनता है।

9. आंखों का भेंगापन-Strabismus

स्ट्रैबिस्मस के कारण आंखों के भेंगापन या दो आंखों के बीच गलत संरेखण के कारण दृष्टि हानि होती है। इससे व्यक्ति को देख कर समझ नहीं आता कि वो किस ओर देख रहा है।

10. रेटिना डिटेचमेंट-Retinal detachment

रेटिना डिटेचमेंट तब होता है जब आंख की आंतरिक परत ज्यादातर रेटिननल आंसू के कारण अलग हो जाती है। इसे तत्काल सर्जरी की जरुरत होती है।तो, दुनिया भर में आंखों से जुड़ी ये 10 बीमारियां हैं, जिन्हें हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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