
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : May 1, 2026 5:55 PM IST
Image credits by: obesity - ai generated
मोटापा...एक ऐसा शब्द जिससे दुनियाभर में करोड़ों लोग परेशान हैं। मोटापा या बढ़ा हुआ वजन, सिर्फ शरीर पर नहीं मन पर भी गहरी छाप छोड़ता है। मोटापे की वजह से लोगों को ताने मिलते हैं, मजाक उड़ता है जिससे उनका आत्मविश्वास धीरे-धीरे कम होने लगता है। इतना ही नहीं, मोटापे की वजह से लोग पसंदीदा कपड़े नहीं पहन पाते हैं, वे हर वक्त खुद को दूसरों से कम समझते हैं। हालांकि, मोटापा सिर्फ दिखावे की बात नहीं, यह एक ऐसी चुनौती है जो शरीर, मन और जिंदगी तीनों को प्रभावित करती है। आज जब लोग इतने हेल्थ कॉन्शियंस हो गए हैं, तब भी हर 8 में से 1 व्यक्ति मोटापे से जूझ रहा है। दुनियाभर में मोटापे के मामलों में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही हैं। आइए, WHO की रिपोर्ट के आधार पर देखते हैं कि किस उम्र के लोग सबसे ज्यादा मोटापे से जूझ रहे हैं और मोटापे से कौन-सी समस्याएं हो सकती हैं?
WHO के अनुसार, साल 2022 में 18 साल से ज्यादा उम्र के लगभग 250 करोड़ वयस्क ओवरवेट थे। वहीं, 89 करोड़ से अधिक वयस्क मोटापे के साथ जी रहे थे। आंकड़ों की मानें तो 18 साल या उससे अधिक आयु के 43 वयस्क मोटापे से जूझ रहे थे। यह आंकड़ा 1990 की तुलना में काफी ज्यादा था। इस साल में 25 फीसदी वयस्क ही ओवरवेट थे।
साल 2024 की बात करें तो 5 साल से कम उम्र के अनुमानित 3.5 करोड़ बच्चे ओवरवेट थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पहले यह समस्या सिर्फ उच्च आय वाले देशों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब कम और मध्यम आय वाले देशों में भी मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। साल 2022 में, 5 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 39 करोड़ से अधिक बच्चे और किशोर ओवरवेट थे।
किसी व्यक्ति का वजन ज्यादा है या वह मोटापे से ग्रस्त है, इसका पता बीएमआई से लगाया जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार जब-
एक वयस्क का BMI 25 या इससे ज्यादा होता है, तो उसे अधिक वजन वाला माना जाता है।
जब BMI 30 या इससे ज्यादा होता है, तो व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त होता है।
मोटापे के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसमें शामिल हैं-
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य मोटापे और इससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी देना है। इसमें दिए गए आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट से लिए गए है। tehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
जी हां, मोटापा हार्ट डिजिज का एक रिस्क फैक्टर होता है।
शरीर का वजन बढ़ने या मोटापे से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, फैटी लिवर डिजिज, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और हार्ट डिजिज जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ सकता है।
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