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घर या ऑफिस, बैठे-बैठे इस 1 ब्रीदिंग एक्सरसाइज से कम होगा अल्जाइमर का खतरा! जानें खुद से करने का तरीका

आइए आपको बताते हैं एक ऐसी ट्रिक के बारे में, जिसकी मदद से आप अल्जाइमर जैसी बीमारी के खतरे को कम कर सकते हैं।

घर या ऑफिस, बैठे-बैठे इस 1 ब्रीदिंग एक्सरसाइज से कम होगा अल्जाइमर का खतरा! जानें खुद से करने का तरीका
घर या ऑफिस, बैठे-बैठे इस 1 ब्रीदिंग एक्सरसाइज से कम होगा अल्जाइमर का खतरा! जानें खुद से करने का तरीका

Written by Jitendra Gupta |Updated : July 28, 2023 8:51 AM IST

मौजूदा वक्त में काम का बढ़ता तनाव, रिश्तों में तकरार और स्वास्थ्य समस्याएं हर एक व्यक्ति के जीवन में घर कर गई हैं। इस वजह से बहुत से लोग दिमागी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ये दिमागी बीमारियां आपके जीवन को तबाह करने का काम करती हैं। इन्हीं में से एक बीमारी है अल्जाइमर, जो धीरे-धीरे आपकी याददाश्त और सोचने की क्षमता को बिगाड़ने का काम करती है। अगर सही समय पर इसकी रोकथाम न की जाए तो आपके लिए अपने रोज के काम करना तक मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी के लक्षण शुरू में दिखाई नहीं देते हैं लेकिन अगर आपको चीजों को भूलने की परेशानी शुरू हो चुकी है तो आपको सचेत होने की जरूरत है। आइए आपको बताते हैं एक ऐसी ट्रिक के बारे में, जिसकी मदद से आप इस बीमारी के खतरे को कम कर सकते हैं।

ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें

वैज्ञानिकों ने एक शोध में ये पता लगाया है कि कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज की मदद से आप बड़ी आसानी से अल्जाइमर के खतरे को कम कर सकते हैं। इतना ही नहीं ये सिंपल सी एक्सराइज आप घर में तो कर सकते हैं साथ ही ऑफिस में बैठे-बैठे भी ये एक्सरसाइज की जा सकती हैं। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये एक्सराइज।

कैसे करनी हैं ये एक्सरसाइज

इस ब्रीदिंग एक्सरसाइज को करते वक्त आपको गिनती पर ध्यान देना है। आप पांच तक गिनती तक सांस लें और पांच तक गिनती तक सांस छोड़ें। दिन में दो बार 20 मिनट तक ये एक्सरसाइज करें और एक बार सीखने के बाद इसे सप्ताह में चार बार तक करें।

फायदा

इस एक्सरसाइज को करने से आपके खून में मौजूद एमलॉयड बीटा की मात्रा तो कम होती ही है साथ असमान्य फिब्रोइस, एक्सट्रासेल्युलर, अंगों और टिश्यू में जमा होने वाले प्रोटीन के अंशों को भी बाहर निकालने में मदद मिलती है।

कैसे मदद करेगी ये एक्सरसाइज

शोधकर्ताओं का कहना है कि हमारे अंगों में मौजूद इस जहरीले प्रोटीन के अंश अल्जाइमर रोग से जुड़े हुए हैं और ये बीमारी की वजह बनते हैं। ये एक्सरसाइज एमलॉयड के प्रभाव को कम करती है क्योंकि जब हम सांस लेते हैं तो ये हमारे दिल की धड़कनको प्रभावित करती है। इस एक्सरसाइज की मदद से हमारा तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है और हमारा दिमाग जहरीले प्रोटीन को बाहर निकालता है।

कैसे हुई स्टडी

यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया के लियोनार्ड डेविस स्कूल ऑफ जेरोनटोलॉजी के वैज्ञानिकों ने ये स्टडी 108 लोगों पर की, जिनकी उम्र 18 से 30 और 55 से 80 थी। इन्हें रोजाना 20 मिनट एक्सरसाइज करने को कहा गया, जिसके बाद हार्ट रेट को मॉनिटर किया गया।

क्या आया सामने

अध्ययन में पाया गया कि खून में मौजूद एमलॉयड बीटा की ज्यादा मात्रा अल्जामर रोग का कारण बनती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि नियमित रूप से इस एक्सरसाइज को करने से एमलॉयड बीटा लेवल को कम करने में मदद मिलती है और ये बुढ़ापे में अल्जाइमर रोग को कम करने में मदद करता है।

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