महिलाओं को स्त्री रोग संबंधी विकारों के लक्षणों के प्रति होना होगा जागरूक, जीवनशैली में बदलाव से बनी रहेगी सेहत

महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (गुरुग्राम) ने रोहतक स्थित महिलाओं के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज के यूथ रेड क्रॉस के सहयोग से कॉलेज की छात्राओं के लिए स्त्री रोग संबंधी एक स्वास्थ्य शिविर और मुफ्त परामर्श शिविर का आयोजन किया।

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Written By: Anshumala | Published : November 1, 2019 2:12 PM IST

महिलाओं के स्वास्थ्य (Women's health) संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, (Fortis Memorial Research Institute) गुरुग्राम ने रोहतक स्थित महिलाओं के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज के यूथ रेड क्रॉस के सहयोग से कॉलेज की छात्राओं के लिए स्त्री रोग संबंधी एक स्वास्थ्य शिविर और मुफ्त परामर्श शिविर का आयोजन किया।

कैंप का उद्देश्य युवा लड़कियों में स्त्री रोग (Women's health) संबंधी विकारों के शुरुआती लक्षणों को पहचानने और जीवनशैली में बदलाव व दवाओं की मदद से इन समस्याओं से निपटने के तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाना था। स्त्री रोग विभाग की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. पाखी अग्रवाल ने बताया कि महिलाओं में देरीसे हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे बांझपन और गर्भावस्था की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए नियमित जांच कराना जरूरी है।

पीरियड्स के दौरान अनियमित ब्लीडिंग एनीमिया का कारण

महिलाओं (Women's health) में पीसीओडी (PCOD), पीरियड्स के दौरान भारी ब्लीडिंग (periods problem) और गर्भाशय फाइब्रॉएड (uterus fibroid) की समस्याएं देखी जाती हैं। पीरियड्स के दौरान अनियमित ब्लीडिंग (irregular periods causes and treatment) युवा लड़कियों में एक आम समस्या है, जो एनीमिया का एक प्रमुख कारण है। यह एक महिला के समग्र स्वास्थ्य और ग्रोथ को प्रभावित करता है। हरियाणा की महिलाओं में जागरूकता फैलाने की तत्काल आवश्यकता है, क्योंकि वे इस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बात करने से झिझकती हैं।

विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं में अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याएं भी होती हैं। पीजी कॉलेज फॉर वुमन की प्रधानाचार्या डॉ.पूनम भानवाला ने बताया कि हम अपनी छात्राओं को उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में शिक्षित करना चाहते हैं। हमने देखा है कि लड़कियां अक्सर अपने स्वास्थ्य से संबंधित कई मुद्दों के बारे में चर्चा करने से झिझकती हैं और डॉक्टर से परामर्श नहीं लेती हैं। हम ऐसी लड़कियों को शिक्षित करना चाहते हैं ताकि वे और उनके परिवार स्वस्थ जीवन जी सकें।

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