
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
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हमारे देश की अधिकांश महिलाएं पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस करती हैं। यह दर्द कई पीरियड्स और लंबे समय तक बैठने जैसे कई करणों से हो सकता है। हालांकि आमतौर पर महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में दर्द पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम (Pelvic Congestion Syndrome) या (PCS) के कारण हो सकता है। डॉक्टर्स कहते हैं कि यदि पेट के निचले हिस्से का दर्द 6 महीने तक रहता है तो यह पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम का कारण हो सकता है। देश में हर 3 में से 1 महिला अपने जीवन में कभी न कभी पेल्विक दर्द का अनुभव जरूर करती है। लेकिन महिलाएं इसे पीरियड्स का दर्द समझकर जांच कराना और इलाज कराना जरूरी नहीं समझती हैं। जिससे बाद में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। पेल्विक का अर्थ पेड़ू होता है। इस हिस्से में ही महिलाओं का गर्भाशय होता है।
पेट के निचले हिस्से में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, इनमें से एक सबसे सामान्य कारण है पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम (पीसीएस)। यह युवा महिलाओं में अधिक देखा जाता है। पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम को पेल्विक वेनस इनक्यूबेशन या पेल्विक वेनस इन्फेक्शन भी कहा जाता है। इस समस्या के दौरान महिलाओं को अत्यधिक दर्द होता है। खड़े होने या यहां तक कि नीचे उतरने से समय के दौरान भी दर्द महसूस किया जा सकता है। जब पेल्विक एरिया में नसों का साइज बढ़ जाता है तो दर्द का कारण बनता है।
इस दर्द का सबसे बड़ा कारण दर्द का विपरित दिशा में बहना है। यानि कि जब पेट के निचले हिस्सों की नशों में दर्द आगे के बजाय पीछे की तरह बहने लगता है तो इस तरह का दर्द होता है। ऐसा खासकर ओवरीज, वॉल्वा, वजाइन और जांघों के आसपास होता है। गर्भावस्था के दौरान श्रोणि क्षेत्र के हार्मोन, वजन और शरीर रचना में परिवर्तन अंडाशय की नसों पर दबाव डालते हैं और नसों की दीवारों को कमजोर करते हैं। गर्भावस्था के दौरान, एस्ट्रोजन का स्तर इसकी दीवारों को कमजोर करता है। जब अंडाशय की नसें फैल जाती हैं, तो वाल्व पूरी तरह से बंद नहीं होती है। इससे रक्त वापस नसों में प्रवाहित होता है, जिसे रिफ्लक्स के रूप में भी जाना जाता है। इसी स्थिति को मेडिकल भाषा में पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम कहते हैं।
बहुत देर तक खड़े होने के दौरान दर्द होना
मासिक धर्म तक के दिनों में असहनीय दर्द
शाम के वक्त दर्द का तेजी से बढ़ जाना
संभोग के दौरान और बाद में दर्द की अनुभूति होना
पेल्विक एरिया से जांघों और पैरों तक दर्द का चढ़ना-उतरना जैसे महसूस होना
खड़े होने पर जांघों और पेट के आसपास दर्द होना
पेल्विस (पेड़ू) में खिंचाव की समस्या
उपरोक्त बताएं गए लक्षणों में से यदि किसी महिला को कोई 2 लक्षण भी महसूस हों तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ताकि डॉक्टर द्वारा प्राप्त कलर अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन से दर्द के कारण की सही पहचान हो सके। जहां तक इलाज की बात है तो इस रोग का पता चलने पर पूरी तरह से इलाज संभव है। कुछ मामले सिर्फ दवाओं से सही हो जाते हैं जबकि कुछ केस में सर्जरी करनी पड़ती है।