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महिलाओं में बढ़ रहा है सरवाइकल और स्तन कैंसर का खतरा, जरूरी है पैप स्मियर टेस्ट और ब्रेस्ट की जांच

आज भी अधिकतर महिलाएं सरवाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक नहीं हैं। महिलाओं को इन जानलेवा बीमारियों के बारे में जागरूक बनाना समय की मांग है, क्योंकि समय पर निदान द्वारा मरीज के ठीक होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

महिलाओं में बढ़ रहा है सरवाइकल और स्तन कैंसर का खतरा, जरूरी है पैप स्मियर टेस्ट और ब्रेस्ट की जांच
महिलाओं में बढ़ रहा है सरवाइकल और स्तन कैंसर का खतरा, जरूरी है पैप स्मियर टेस्ट और ब्रेस्ट की जांच

Written by Anshumala |Published : March 13, 2020 12:10 PM IST

नोएडा के मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल मदरहुड हॉस्पिटल ने महिला पुलिस कर्मियों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच का आयोजन किया, जिसमें महिलाओं को निःशुल्क गायनोकोलॉजिकल कन्सलटेशन, पैप स्मीयर टेस्ट (pap smear test) एवं स्तन जांच (Breast checkup) कराने का मौका मिला। कार्यक्रम का आयोजन फेडरेशनल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनोकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (एफओजीअसआई ) एवं नोएडा ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनोकोलॉजिकल सोसाइटी (एनओजीअसआई) के सहयोग से किया गया। सीएमओ डॉ. भार्गव, सीएमओ, सीआरपीएफ डॉ. ज्योत्सना शुक्ला और एनओजीएस सचिव डॉ. अंशु रैना भी इस अवसर पर मौजूद थे।

गायनोकोलॉजिस्ट्स की टीम ने महिलाओं की जांच की। बड़ी संख्या में महिलाओं ने स्तन कैंसर (Breast cancer) एवं सरवाइकल कैंसर (Cervical cancer) के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट कराए। डाॅक्टरों का मानना है कि महिलाओं को इन जानलेवा बीमारियों के बारे में जागरूक बनाना समय की मांग है, क्योंकि समय पर निदान द्वारा मरीज के ठीक होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

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महिलाओं में बढ़ रहा है सरवाइकल कैंसर 

डॉ. संचिता दुबे, कन्सलटेन्ट, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनोकोलॉजी, मदरहुड हॉस्पिटल (नोएडा) ने कहा, ‘‘ पाया गया है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करती हैं। खासतौर पर पुलिसकर्मी महिलाओं के लिए पेशेवर एवं व्यक्तिगत जीवन के बीच तालमेल बनाते हुए अपना ध्यान रखना मुश्किल होता है। सरवाइकल कैंसर आज महिलाओं में मृत्यु का मुख्य कारण बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर रिपोर्ट के अनुसार, कैंसर के ज्यादातर मामलों में महिलाएं सर्विक्स, स्तन एवं ओवेरियन कैंसर का ही शिकार होती हैं। आमतौर पर इस बात का कारण समझना और जानना संभव नहीं है कि एक व्यक्ति को कैंसर होता है और दूसरे को नहीं। हालांकि, हम जीवनशैली के कुछ अच्छे विकल्प अपना कर कैंसर की संभावना को कम कर सकते हैं।’’

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डॉ. संचिता ने कहा, ‘‘ सरवाइकल कैंसर, स्तन कैंसर एवं अन्य गायनोकोलॉजिकल समस्याओं के लिए इस निःशुल्क जांच के द्वारा महिलाओं में इन बीमारियों का समय पर निदान हो सकता है। स्वास्थ्य जांच के दौरान महिला कर्मियों को पैप स्मीयर टेस्ट का महत्व बताया गया, उन्हें जानकारी दी गई कि 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को हर 3 साल में यह जांच करानी चाहिए। उन्हें सरवाइकल कैंसर के लिए एचपीवी वैक्सीन का महत्व भी समझाया गया, जो 10-45 वर्ष की उम्र के बीच लड़कियों एवं महिलाओं को लेनी चाहिए। साथ ही उन्हें हर महीने खुद अपने स्तनों की जांच करने का तरीका भी बताया गया।’’

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