... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
जिन महिलाओं को दो से ज्यादा बच्चे होते हैं उनको हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा हो जाता है। © Shutterstock
बच्चे दो ही अच्छे का नारा आप अक्सर सुनते ही होंगे। महिलाओं के हेल्थ के लिए दो बच्चे ही अच्छे होते हैं ऐसा एक शोध में भी पाया गया है। शोध की मानें तो जिन महिलाओं को दो से ज्यादा बच्चे होते हैं उनको हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा हो जाता है।
शोध के अनुसार जब बच्चा होता है तो मां के हार्ट में खिंचाव होता है और इसका हार्ट अटैक से सीधा संबंध होता है। इसके अलावा ज्यादा बच्चे होने पर मां का कामकाज भी बढ़ जाता है जिससे मां अपनी सेहत का ख्याल नहीं रख पाती हैं। सेहत का ख्याल न रखने के कारण हार्ट के अलवा अन्य तरह की हेल्थ समस्याएं होने लगती हैं।
6 सवाल जो हर महिला को अपने गायनोकोलॉजिस्ट से पूछना चाहिए।
शोधकर्ताओं के अनुसार जिन महिलाओं को 2 से कम बच्चे होते हैं उनकी तुलना में 5 से अधिक बच्चे वाली मां को 30 प्रतिशत ज्यादा हार्ट अटैक का खतरा होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार ज्यादातर मामलों में ज्यादा बच्चे होने से हार्ट की बीमारियां ज्यादा होती हैं।
कसूरी मेथी महिलाओं के लिए है वरदान, डायट में शामिल कर पाएं 5 फायदे।
यह शोध कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के छात्रों ने किया है। शोध के दौरान 8000 महिलाओं को शामिल किया गया जिनकी उम्र 45-64 साल के बीच थी। इस शोध की बात के अनुसार अगर देखा जाय तो हर वो मां हार्ट की बीमारी की शिकार हो सकती है जिसके 2 से ज्यादा बच्चे हैं। शोध के बाद यह आशा की जानी चाहिए की महिलाएं छोटे परिवार पर ध्यान देंगी।
क्या कहते हैं पूर्व के रिसर्च
इस रिसर्च से पूर्व के अध्ययनों में इस परिणाम से कुछ अलग तथ्य भी हैं। मैनचेस्टर में ब्रिटिश कार्डियोवासकुलर सोसाईटी में पब्लिश रिसर्च में कहा गया कि स्तरपान कराने से महिलाओं की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है।
रिसर्च को फंड करने वाले ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के एसोसिएट मेडिकल डायरेक्टर प्रोफेसर जेरेमी पियरसन कहते हैं कि “हालांकि यह शायद आश्चर्य की बात नहीं है कि अधिक बच्चे होने का मतलब यह हो सकता है कि मां के पास अपने स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए कम समय है, यह शोध परिवार को महत्वपूर्ण बनाता है, यह हर किसी के लिए उनके दिल के स्वास्थ्य, खासकर व्यस्त माता-पिता के लिए जरूरी है।”