Menopausal Hair Loss : क्या मेनोपॉज के कारण गिर रहे हैं अधिक बाल, ट्राई करें ये उपाय

मेनोपॉज का नकारात्मक प्रभाव त्वचा के साथ-साथ बालों और फिगर पर भी होता है। हालांकि, एजिंग एक नेचुरल प्रॉसेस है, जो बढ़ती उम्र में चेहरे की त्वचा पर नजर आने ही लगती है। पर सबसे ज्यादा जिस चीज से महिलाएं परेशान रहती हैं, वह है बालों का हद से ज्यादा गिरना।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : August 20, 2019 7:04 PM IST

मेनोपॉज के बाद महिलाओं को कई सेहत संबंधी समस्याएं होती हैं, जिसमें से एक है अत्यधिक बाल गिरने की समस्या। अक्सर महिलाओं को 40 से 50 वर्ष के आसपास मेनोपॉज का सामना करना पड़ता है। इसका आपके बालों, त्वचा पर भी काफी नकारात्मक असर देखने को मिलता है। मेनोपॉज का नकारात्मक प्रभाव त्वचा के साथ-साथ बालों (Menopausal Hair Loss) और फिगर पर भी होता है। हालांकि, एजिंग एक नेचुरल प्रॉसेस है, जो बढ़ती उम्र में चेहरे की त्वचा पर नजर आने ही लगती है। पर सबसे ज्यादा जिस चीज से महिलाएं परेशान रहती हैं, वह है बालों का हद से (Menopausal Hair Loss) ज्यादा गिरना।

क्यों गिरते हैं मेनोपॉज में बाल

मेनोपॉज में कुछ महिलाओं के बाल गिरते हैं तो किसी को यह समस्या नहीं झेलनी पड़ती। ऐसा एस्ट्रोजेन लेवल के कम होने से होता है। बाल अलग-अलग व्यक्तित्व विशेषता और वंशानुगत आधार पर भी सफेद होते हैं। सफेद हुए बालों को दोबारा काला सिर्फ कलरिंग के जरिए ही किया जा सकता। बालों को काला करने के लिए हेयर कलर व डाई कॉमन प्रैक्टिस है, लेकिन इसमें मौजूद केमिकल्स से बाल डैमेज, ड्राई और ब्रिटल होने के साथ हेयर लॉस भी होता है।

बाल नहीं गिरेंगे, जब अपनाएंगी ये उपाय

1 यदि आप कलर इस्तेमाल करती हैं, तो हेयर कंडीशनर का प्रयोग शैम्पू के बाद जरूर करें। बाल और अधिक डैमेज न हो, उसके लिए माइल्ड शैम्पू लगाएं। सप्ताह में एक या दो बार हॉट ऑयल अप्लाई करें।

2 यदि ग्रे हेयर हैं, तो आगे बालों को डैमेज होने से बचाने के लिए स्ट्रीकिंग या फ्रॉस्टिंग करें। बालों को नेचुरल लुक प्रदान करने वाले ही हेयर कलर लगाएं। जेट ब्लैक हेयर कलर से बचें, क्योंकि यह अननेचुरल दिखने के साथ ओल्डर लुक देता है। सॉफ्टर कलर जैसे डार्क ब्राउन नेचुरल व अट्रैक्टिव लुक देता है।

3 मेहंदी सबसे पॉपुलर नेचुरल हेयर कलरेंट है। मेहंदी बालों को मजबूती प्रदान करती है। इसमें आप कत्था या कॉफी मिला सकती हैं ताकि रिचर ब्राउन कलर मिल सके। चाहें तो ड्राई आंवला पाउडर खुद से तैयार कर मेहंदी में डालकर लगाएं। इससे बाल सफेद होने से बचेंगे। ग्रे हेयर से बचने के लिए आप चाहें तो एक गिलास में पानी में आंवले का जूस मिलाकर पिएं।

4 क्लिनिकल स्कैल्प ट्रीटमेंट से भी मदद मिलती है। वास्तव में इस ट्रीटमेंट का प्रयोग हेयर लॉस चेक करने के लिए होता है। उत्तेजना, चिंता, तनाव भी मेनोपॉजल अवस्था के दौरान हेयर लॉस बढ़ाता है, इसलिए जितना हो सके इससे बचें। बेहतर डायट भी हेल्दी हेयर के लिए जरूरी है। प्रतिदिन स्प्राउट्स, ताजे फल, सलाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, सोयाबीन, दही भोजन में शामिल करें। स्प्राउट्स में अमीनो एसिड होता है, जो बालों को लाभ पहुंचाता है।

5 यदि आपकी उम्र 35 से 40 वर्ष है, तो ऑयल ग्लैंड्स की एक्टिविटी में कमी आने से बाल सफेद हो सकते हैं इसलिए प्रतिदिन ऑयल अप्लाई करें। न तो जोर-जोर से मसाज करें और न ही बालों को रगड़ें।

Tiryaka Tadasana : कमर की चर्बी करे कम तिर्यक ताड़ासन, और भी हैं कई लाभ

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source