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Written By: Anshumala | Published : May 18, 2019 9:28 PM IST
AAP recommends exclusive breastfeeding until about 6 months of age, followed by continued breastfeeding as complementary foods are introduced.© Shutterstock.
डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट से दूध निकलना नॉर्मल बात है। चिंता की बात तब होती है, जब कोई महिला प्रेग्नेंट भी ना हो और बिना बच्चे को जन्म दिए ही, ब्रेस्ट से दूध निकलने लगे। यह समस्या लगभग 20 % महिलाओं में देखने को मिलता है। हालांकि, यह समस्या कई बार मेनोपॉज के बाद भी हो जाती है। यह कोई गंभीर रोग नहीं, लेकिन किसी समस्या का संकेत जरूर हो सकता है। मेडिकल टर्म में इसे गैलेक्टोरिआ (Galactorrhea) कहा जाता है।
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गैलेक्टोरिया के संकेतों में सबसे बड़ा संकेत दोनों स्तनों में से दूध आना है, लेकिन इसके अलावा भी कई और लक्षण दिखाई दे सकते हैं-
ब्रेस्ट टिशू का बढ़ जाना।
पीरियड्स टाइम पर ना आना।
संबंध बनाने में अरुचि।
जी घबराना।
मुंहासे होना।
बाल तेजी से झड़ना।
सिरदर्द, दिखाई देने में परेशानी।
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हार्मोनल गड़बड़ी
किसी दवा का साइड इफेक्ट
अन्य शारीरिक समस्याएं
स्तनों में दूध बनने का कारण प्रोलेक्टिन नामक हार्मोन भी होता है। हार्मोन की गड़बड़ी के कारण कोई दवा, ट्यूमर, निप्पल के साथ अधिक छेड़छाड़ भी हो सकते हैं।
थायरॉइड
किडनी या लीवर की समस्या
स्ट्रेस में रहना
हाइपोथैल्मस बीमारी
ट्यूमर
स्तन टिशू को नुकसान
एस्ट्रोजन हार्मोन का अधिक बढ़ जाना
संबंध बनाने के दौरान ब्रेस्ट से ज्यादा छेड़छाड़
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हार्मोंनल टेस्ट
प्रेग्नेंसी टेस्ट
ब्रेस्ट टिशू की जांच के लिए मेमोग्राम या सोनोग्राफी
दिमाग की जांच के लिए एमआरआई
कारण पता होने पर इलाज शुरू करवाना जरूरी है। कुछ बातों का ख्याल भी रखें जैसे टाइट कपड़े या ब्रा पहनने से बचें। निप्पल से अधिक छेड़छाड़ करने से बचें। तनाव मुक्त रहें। समस्या हार्मोन में गड़बड़ी के कारण है, तो दवाइयों से ठीक किया जाता है।
अगर स्तनों में सफेद दूध की बजाय चिपचिपा तरल द्रव, पीला, रक्त मिला कुछ मटमैला द्रव निकले तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि यह ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।