अबॉर्शन : तन-मन के लिए बेहद संवेदनशील है यह समय, इस तरह रखें अपना ध्‍यान

कई बार मजबूरी में अबॉर्शन यानी गर्भपात करवाना पड़ता है, तो कई बार किन्‍हीं समस्‍याओं के चलते अनचाहा गर्भपात हो जाता है। किसी भी स्‍त्री के लिए यह बहुत तनाव पूर्ण समय होता है। इस दौरान अपनी सेहत को बिल्‍कुल भी नजरंदाज न करें।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 9, 2019 4:48 PM IST

गर्भपात (Abortion) किसी भी स्‍त्री के लिए बेहद संवेदनशील समय होता है। अपने गर्भ के प्रति महिलाएं इतनी ज्‍यादा भावुक होती हैं कि अनचाहें गर्भ के गर्भपात (Abortion) में भी वे अवसादग्रस्‍त हो जाती हैं। यह उनके तन और मन को चोट पहुंचाने वाला समय होता है। इसलिए इस क्रिटिकल समय में परिवार और पार्टनर सभी की जिम्‍मेदारी उनके प्रति बहुत बढ़ जाती है। इसमें आहार बहुत महत्‍वपूर्ण है।

होती हैं ये शारीरिक समस्‍याएं (Abortion) 

गर्भपात अथवा मिस्‍केरेज के बाद हर महिला को शारीरिक क्षति का सामना करना पड़ता है। मन को तो चोट पहुंचती ही है, इसके साथ ही शारीरिक क्षति भी उठानी पड़ती है। इसमें महिला को थकान और रक्‍त स्राव जैसी दिक्‍कतों से दो चार होना पड़ता है। गर्भपात में कई बार बहुत ज्‍यादा ब्‍लीडिंग हो जाती है, जिससे हीमोग्‍लोबिन एकदम डाउन होता है। इससे बहुत ज्‍यादा कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है आप अपनी डाइट का खास ख्‍याल रखें।

पौष्टिक आहार का करें सेवन (Abortion) 

गर्भपात के बाद होने वाली शारीरिक कमजोरी से उबरने के लिए जरूरी है कि आप पौष्टिक आहार का सेवन करें। अपनी डॉक्‍टर से अपने बारे में विस्‍तार से बात करें। इससे आपको पता चलेगा कि गर्भपात के बाद के समय के बारे में प्रचलित मिथ्‍स में कितनी सच्‍चाई है। यह जरूरी है कि आप इस दौरान पौष्टिक परंतु सादा भोजन करें। आप शारीरिक रूप से कमजोर हो गई हैं। ऐसे में हल्‍का भोजन आपके लिए पचने में आसान होगा।

न करें वर्कआउट

यह शारीरिक क्षति है। इस दौरान आपको कुछ दिन उसी तरह आराम करना है, जैसे आप डिलीवरी के बाद करतीं। इससे आपको शारीरिक कमजोरी से उबरने में मदद मिलेगी। इस दौरान वर्कआउट के बारे में न सोचें। डॉक्‍टर की सलाह के बाद ही हल्‍का व्‍यायाम शुरू करें। वरना कई तरह की कॉम्‍प्‍लीकेशन्‍स का सामना करना पड़ सकता है।

इनसे बचें

गर्भपात के बाद सोया प्रोडक्‍ट, कॉफी, सिगरेट, शराब, जंक फूड और प्रीजर्व फूड से जितना परहेज करेंगी उतना अच्‍छा है। इनमें मौजूद हानिकारक तत्‍व आपको दीर्घावधि के लिए नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस प्रकार का भोजन आपकी सेहत के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है। इससे फूड पायजनिंग जैसी कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें हो सकती हैं।

अगली गर्भावस्‍था

आप अभी-अभी एक शारीरिक और मानसिक क्षति से गुजरी हैं। इसलिए अभी से अपनी अगली गर्भावस्‍था के बारे में विचार कर लें। कुछ दिन अपने आप को हर तरह से आराम दें। इसके बाद डॉक्‍टर की सलाह से अपने लिए सुरक्षित उपाय अपनाएं। अगली गर्भावस्‍था में जल्‍दबादी आपकी और आपके होने वाले बेबी दोनों की सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकती है।

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