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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : July 13, 2019 10:10 AM IST
हमारे खान-पान में कई ऐसे फूड हैं जो Lungs Cleaning Food के नाम से जाने जाते हैं.
Lungs Cleaning Food: पर्यावरण में वायु प्रदूषण के लेवल में प्रतिवर्ष इजाफा होता है और उसी हिसाब से फेफड़े की बीमारियों में भी बढ़ोत्तरी होती है. बदलते परिवेश में ज्यादातर लोग धूम्रपान की जद में आने की वजह से भी लंग्स की बीमारी से परेशान होते हैं. वायु प्रदूषण की वजह से लंग्स की बीमारी उतनी नहीं होती जितना कि धूम्रपान की वजह से होती है. जब इंसान बार-बार सिगरेट पीता है तो जहरीली गैस लंग्स में जाते ही ब्लड सर्कुलेशन में जाने लगती है और शरीर के सभी अंग में फैल जाती है. तंबाकू में निकोटीन के अलावा अन्य कई खतरनाक रसायन पाये जाते हैं जो शरीर को बहुत कमजोर बनाने का काम करते हैं. कुछ दवाओं के ज्यादा उपयोग से भी फेफड़े की बीमारी हो सकती है.
धूम्रपान की वजह से लंग्स बहुत कमजोर हो जाते हैं ऐसे में यदि आप धुम्रपान छोड़ते हैं तो लंग्स को मजबूत बनाने के लिए उसे सही तरीके साफ होना बहुत जरूरी होता है. अब सवाल उठता है कि लंग्स की सफाई कैसे हो और उसमें पहले जैसी मजबूती आ सके, तो उसके लिए यहां कुछ नेचुरल तरीकों पर हम चर्चा कर रहे हैं जो लंग्स की सफाई के साथ-साथ मजबूती भी प्रदान करते हैं.
भारत में हल्दी के औषधीय गुणों का प्रयोग पुराने जमाने से किया जाता रहा है. हल्दी जहां एक ओर खाने का स्वाद और रंग बढ़ा देती है, वहीं इसका उपयोग सौंदर्य वृद्धि और त्वचा की समस्याओं को दूर करने में भी किया जाता है. हल्दी को हम ‘गोल्डन स्पाइस’ के रूप में भी जानते हैं. हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण यह हमारे फेफड़ों को साफ करने में मदद करता है. हल्दी Lungs Cleaning Food में सबसे अच्छा फूड माना जाता है.
नाश्ते और दोपहर के भोजन के दौरान गाजर का रस कम से कम 300 मिलीलीटर पीएं, ताकि फेफड़ों की सफाई हो सके. आपको बता दें कि गाजर का रस बीटा कैरोटीन का एक अच्छा स्रोत है, एक प्रकार का विटामिन ए, जो सबसे शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स में से एक है. विटामिन ए आंख की सतह की रक्षा में मदद करता है और मजबूत विजन में योगदान देता है. गाजर का रस Best Lungs Cleaning Food है.
ग्रीन टी में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं जो कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, विभिन्न कैंसर से बचाने और हमारे फेफड़ों से तरल पदार्थ हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ग्रीन टी में मौजूद जड़ी-बूटियां हमारे फेफड़ों की लाइनिंग से बलगम को ढीला करने में मदद करती हैं और प्रकृति में एंटीमाइक्रोबायल होती हैं.
इसमें एलिसिन नामक एक यौगिक होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीबायोटिक एजेंट के रूप में कार्य करता है और हमारे फेफड़ों को छिपाने वाले श्वसन संक्रमण से निपटने में मदद करता है. यह सूजन को कम करने, अस्थमा में सुधार करने और फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम करने में भी मदद करता है.
बिस्तर पर जाने से पहले, फेफड़ों में संक्रमण के कारण बैक्टीरिया से लड़ने के लिए अनानास या क्रैनबेरी के रस का 400 मिलीलीटर पीएं. इन पेय पदार्थों में एंटीऑक्सीडेंट आपके श्वसन तंत्र के लिए बहुत उपयोगी होता है, क्योंकि वे आपके फेफड़ों को बहुत शुद्ध कर सकता है.
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो श्वसन पथ से विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करता है. इसमें पोटेशियम, मैग्नीशियम, बीटा कैरोटीन और जिंक सहित कई विटामिन और खनिज शामिल हैं. अदरक के कुछ तत्व फेफड़ों के कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए भी जाना जाता है. आप कई व्यंजनों में अदरक को शामिल कर सकते हैं या अदरक चाय के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं.
पेपरमिंट या पुदीना न केवल आपके सांस को बेहतर बनाने का काम करता है बल्कि इसमें स्वास्थ्य लाभ भी हैं, जो आपके पेट, छाती और सिर के लिए अच्छे हैं. फेफड़ों में संक्रमण के कारण बैक्टीरिया से लड़ने के लिए नियमित रूप से आप 3-5 पेपरमिंट पत्तियों पर चबा लें.
अपने फेफड़े की सफाई करनी है तो आप नियमित रूप से योग कीजिए. इसके लिए आधा घंटा गहरी सांस लेने वाले अभ्यास को कीजिए. यह आपके फेफड़ों से अशुद्धियों को दूर करने में मदद करेगा. योग से न सिर्फ आपकी सीने की मांसपेशियां मजबूत होती हैं बल्कि ये आपके फेफड़ों के लिए भी बहुत ज्यादा फायदेमंद हैं.
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