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गेहूं का आटा खाना छोड़ देंगे जब जानेंगे इन 5 आटों की खूबियां, बीमारियों को दूर कर शरीर को देते हैं ताकत

हमारे कृषि प्रधान देश में आटे के कई प्रकार हैं। हर एक आटे की अपनी खासियत और गुण हैं।

गेहूं का आटा खाना छोड़ देंगे जब जानेंगे इन 5 आटों की खूबियां, बीमारियों को दूर कर शरीर को देते हैं ताकत

Written by Atul Modi |Updated : March 19, 2024 1:54 PM IST

भारत की आबादी के एक बड़े हिस्से का भोजन रोटियों के बिना अधूरा है। हालांकि ये रोटियां किस आटे की होनी चाहिए, इसे लेकर हमेशा से ही बहस चलती आई है। हमारे कृषि प्रधान देश में आटे के कई प्रकार हैं। हर एक आटे की अपनी खासियत और गुण हैं। इन्हें अपनी डाइट में शामिल करके आप बहुत ही आसानी से सेहतमंद रह सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही 5 हेल्दी आटों के विषय में

जौ का आटा

जौ या जई का आटा पौष्टिक गुणों की खान है। जौ का आटा फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और खनिजों का एक अच्छा सोर्स होता है। इसमें विटामिन बी 1, बी 2, बी 6 के साथ ही नियासिन, मैग्नीशियम और फास्फोरस होता है। इस आटे में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, जिससे कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं। जौ के आटे में मौजूद बीटा-ग्लूकन नामक फाइबर कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है, जो हार्ट डिजीज का जोखिम कम करता है। यह ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करता है। यह आटा वेट लॉस में भी मददगार होता है। क्योंकि इसे खाने के बाद लंबे समय तक आपका पेट भरा रहता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम से हड्डियां मजबूत होती हैं।

चने का आटा या बेसन

चने का आटा यानी बेसन हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। इसे नमकीन और मीठे दोनों तरह के पकवान बनाने के काम में लिया जाता है। इसके शानदार नाश्ते कई प्रदेशों के मुख्य व्यंजनों में शामिल हैं। चने का आटा प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, विटामिन बी1, बी6 और फोलिक एसिड से भरपूर होता है। इसके नियमित सेवन से मांसपेशियों की मरम्मत होती है। हाई फाइबर से भरपूर होने के कारण यह लंबे समय तक आपका पेट भरा हुआ रखता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिससे वेट मैनेजमेंट ठीक से होता है और डायबिटीज कंट्रोल रहती है।

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बाजरे का आटा

बाजरे का आटा भारत में सदियों से खाया जा रहा है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, विटामिन बी 6 और नियासिन जैसे पौष्टिक तत्वों के साथ ही कई एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये सभी शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। हाई फाइबर के कारण यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और इम्यूनिटी को बढ़ाता है। सर्दियों में जहां आप रोज इसका सेवन कर सकते हैं, वहीं गर्मियों में इसे हर दूसरे दिन खाना चाहिए। बाजरे का आटा कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है, जिससे आपका दिल सेहतमंद रहता है।

कुट्टू का आटा

कुट्टू का टेस्टी ग्लूटेन-फ्री आटा सीलिएक डिजीज से पीड़ित लोगों के लिए अच्छा विकल्प है। कुट्टू का आटा आयरन का एक अच्छा स्रोत है, जो एनीमिया से बचाव में मदद करता है। यह आटा भी एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर और मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ ही हार्ट ​को सेहतमंद रखता है। यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करता है।

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रागी का आटा

रागी को फिंगर मिलेट भी कहते हैं। यह आटा कैल्शियम, आयरन और अमीनो एसिड से भरपूर होने के कारण बहुत ही पौष्टिक होता है। इसे खाने से आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। रागी का आटा डायबिटीज पेशेंट्स के लिए फायदेमंद होता, क्योंकि यह ब्लड शुगर कंट्रोल करता है। इस आटे में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

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