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Written By: Yogita Yadav | Published : October 3, 2018 7:55 AM IST
खमीरीकृत आहार से शरीर के लिए जरूरी विटामिन बी 1 का निर्माण होता है।© Shutterstock
कभी-कभी नाश्ते में खमीरी रोटियां भी बना लेनी चाहिए। साधारण सी दिखने वाली ये पारंपरिक रोटियां शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व प्रदान करती हैं। जिसे विटामिन बी1 कहा जाता है।
क्या है विटामिन बी 1
थायेमिन हाईड्रोक्लोराइड जिसे विटामिन बी1 भी कहा जाता है। साबुत अनाज, चोकर सहित आटा, खमीरीकृत आहार, सेला चावल तथा साबुत दालें, चर्बी रहित मांस व अंडे की जर्दी, आलू, दूध, जिगर, गुर्दे और पत्ते वाली सब्जियों आदि विटामिन बी1 के अच्छे स्रोत है। मटर में सबसे कम और सूखी यीस्ट में विटामिन बी1 सबसे अधिक होता है। अंकुरित अनाज व दालों में थायमिन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
ये है जरूरी मात्रा
व्यस्क व्यक्ति के लिए हर रोज 1 मिलीग्राम और गर्भवती महिलाओं को 5 मिलीग्राम विटामिन बी1 की आवश्यकता रहती है। मोटे लोगों को विटामिन बी1 की अधिक आवश्यकता रहती है। लम्बी आयु बढ़ाने के लिए विटामिन बी1 सहायक है खमीरीकरण की प्रक्रिया से समुचित विटामिन बी1 का निर्माण होता है अर्थात् थाइमिन की पर्याप्त मात्रा का अच्छा स्रोत है।
खमीरीकृत करने की विधि क्या है?
खाद्य पदार्थ को जब किसी द्रव्य अर्थात् छाछ, पानी या रस के साथ मिलाकर रात भर के लिए उचित तापमान पर रखा जाता है अर्थात् 7-8 घंटे बर्तन से ढ़क कर छोड़ दिया जाता है। ऐसा करने से लाभदायक जीवाणु (बैक्टीरिया) उत्पन्न होते है और खमीरीकृत मिश्रण हल्का और फूला हुआ दिखाई देता है। खमीरीकरण प्रक्रिया द्वारा आहार को आसानी से पचाया जा सकता है। इडली, डोसा व खमण ढ़ोकला आदि खमीरीकृत आहार के अच्छे उदाहरण है।
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शरीर में ग्रहण करने के बाद थायेमीन का अवशोषण होता है और यह खून में प्रवेश करके उत्तकों तक पहुँचता है। आवश्यकता से अतिरिक्त विटामिन बी1 मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है।
थायमिन कार्बोज के चयापचय में प्रयोग होने वाले सहएंजाइम का एक भाग है जोकि ऊर्जा प्राप्ति के लिए ग्लूकोस के आक्सीकरण में सहायता करता है।
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विटामिन बी1 के सेवन से ही कार्बोहाइड्रेटस और फास्फोरस का शरीर में अवशोषण हो पाता है साथ ही खून के तरल भाग में प्रोटीन की समुचित मात्रा को संतुलित रखता है। लीवर की कार्य प्रणाली को दुरूस्त रखता है। शरीर की मांसपेशियां विटामिन बी1 के सेवन से हृष्ट-पुष्ट रहती है।
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ये हैं इसके लाभ
विटामिन बी1 की कमी का प्रथम लक्षण है बिना किसी कारण के भूख लगना बन्द हो जाती है। इसकी कमी से बेरी-बेरी रोग, भूख मर जाना, पाचन शक्ति कमजोर होना, अरूचि, अजीर्ण, अग्निमांद्य, वजन में तेजी से गिरावट, हृदय और मस्तिष्क की कमजोरी, सदैव थकान बने रहना, कब्ज बने रहना, जोड़ो व कमर में दर्द, मूत्र रोग, ष्श्वसन रोग, अंगों का कंपन, पक्षाघात, अनिद्रा, स्नायु दुर्बलता, स्मरण शक्ति की कमी, मितली, जी मिचलाना, चिड़चिड़ापन, वात नाड़ियों में पीड़ा, पाण्डु रोग तथा त्वचा रोग आदि होने की संभावना प्रबल रहती है।