सर्दियों के बनने वाले व्यंजनों में हरे चने की पत्तियों का साग भी एक पारम्परिक डिश है जिसे पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बनायी जाती है। यह साग बनाने के लिए चने के पौधे की मुलायम और नयी पत्तियों को आइए जानते हैं इस पौष्टिक डिश की रेसिपी।
चने के नरम पत्तों को साफ पानी से अच्छे से धोएं और पानी निकाल सूख जाने के बाद बारीक काट लें।
हरी मिर्च, अदरक और टमाटर को बारीक काटें। अब कटे हुए साग को एक कप पानी के साथ उबलने के लिए गैस पर रखें। जब पत्तियां अच्छी तरह उबल जाएं आंच से उतारें, और छान कर पत्तियों से पानी अलग कर दें। आप चाहें तो साग को किसी पतले कपड़े में बांधकर भी पानी हटा सकते हैं.
जब साग ठंडा हो जाए तो इसे मिक्सी में पीसें और एक पेस्ट बना लें।
अब किसी बर्तन में थोड़ा सा तेल या घी गर्म होने के लिए रखें। इसमें हींग, जीरा, हरी मिर्च, अदरक और टमाटर का तड़का डालें। टमाटरों को अच्छी तरह गलने दें। अब इसमें स्वादानुसार नमक और गरम मसाला मिलाएं।
अब इसमें चने के साग का पेस्ट मिलाएं।
चने का साग बाजरे, मक्के या गेहूं की मोटी रोटी के साथ खाया जाता है। वैसे यह साग चावलों के साथ खाएंगे तो उसका भी एक अलग स्वाद और आनंद होता है।
नोट-
साग को गाढ़ा बनाने के लिए आप इसमें मक्के या बाजरे के आटे को एक कप पानी में घोलकर मिलाएं।
कई स्थानों पर चने के साथ बथुआ और पालक मिलाकर भी यह साग तैयार किया जाता है।
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.