
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : November 27, 2025 6:50 PM IST
Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma
saline water gargles and turmeric milk are non-negotiable during smog spikes: दिल्ली-एनसीआर सहित कई शहरों में हर साल स्मॉग स्पाइक्स (Smog Spikes) के दौरान एयर क्वालिटी ‘Hazardous’ स्तर पर पहुच जाती है। इस साल भी दिल्ली-नोएडा सहित पूरे उत्तर भारत मे वायु प्रदूषण अपनी चरम सीमा पर पहुच चुका है। कई इलाको का एयर क्वालिटी इडेक्स 500 के पार जा चुका है। प्रदूषित हवा गले, फेफड़ों और इम्युनिटी पर सबसे ज्यादा हमला करती है।
यही कारण है कि प्रदूषित शहरो मे डॉक्टर्स बार-बार दो घरेलू उपायों को नॉन-नेगोशिएबल बताते है गरम नमक पानी के गरारे (Warm Saline Water Gargles) और हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk / Golden Milk)। आइए दिल्ली के आशा आयु्र्वेदा की डायरेक्टर और आयुर्वेदाचार्य डॉ. चचल शर्मा से समझते हैं कि स्मॉग के समय गर्म पानी के गरारे और हल्दी वाला दूध क्यो पीना चाहिए।
डॉ. चचल शर्मा के अनुसार, बढते वायु प्रदूषण के दौरान कई प्रकार की बीमारियो का खतरा बढता है। इनमे शामिल है- गले में खराश, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, एलर्जी, इम्युनिटी में गिरावट, बार-बार सर्दी जुकाम और अस्थमा के अटैक आना।
एक्सपर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण के छोटे-छोटे कण हमारे गले के टिश्यू मे चिपक जाते है। जिसके कारण खासी, गले मे दर्द, गले मे सूजन की परेशानी होती है। ऐसे मे नमक वाले गर्म पानी से गरारे करना फायदेमंद होता है। नमक वाले गर्म पानी से गरारे करने से सलाइन वॉटर म्यूकस को पिघलाता है और हवा के कणों को बाहर निकाल देता है।
नमक में नेचुरल एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज होती है। जब आप गरम नमक पानी से गरारे करते हैं, तो गले में मौजूद बैक्टीरिया मरते हैं। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है। स्मॉग के समय बैक्टीरियल इन्फेक्शन बहुत तेजी से बढ़ता है, इसलिए यह उपाय अनिवार्य हो जाता है।
एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं।
10 से 15 सेकेड तक गरारा करें।
दिन में 2 बार जरूर करें।
डॉ. चचल का कहना है कि जहांं नमक पानी बाहरी गले को साफ करता है। वहीं हल्दी वाला दूध शरीर के अंदर से असर दिखाता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन (Curcumin) एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-वायरल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। हल्दी वाला दूध फेफड़ों से धूल, धुआं और प्रदूषण के कणों को कम करता है। स्मॉग के दौरान पूरे श्वसन तंत्र में सूजन बढ़ जाती है। करक्यूमिन सूजन को कम करके सांस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाता है।