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विटामिन D ले रहे हैं फिर भी नहीं हो रहा है फायदा? वजह हो सकती है आपकी किडनी, डॉक्टर से जानें इसके बारे में

Why Vitamin D Supplements May Not Work If kidney not healthy: जिन लोगों का किडनी फंक्शन सही तरीके से काम नहीं करता है, वो अगर विटामिन D सप्लीमेंट लेते हैं, तो इससे उन्हें कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं।

विटामिन D ले रहे हैं फिर भी नहीं हो रहा है फायदा? वजह हो सकती है आपकी किडनी, डॉक्टर से जानें इसके बारे में
VerifiedVERIFIED By: Dr Basavaraj S Kumbar

Written by Ashu Kumar Das |Published : December 26, 2025 10:52 AM IST

Why Vitamin D Supplements May Not Work If kidney not healthy: विटामिन D को आमतौर पर सनशाइन विटामिन कहा जाता है। विटामिन D हड्डियों को मजबूत रखने, इम्युनिटी बढ़ाने, मांसपेशियों के सही कामकाज और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। यही कारण है कि भारत में विटामिन D की कमी को पूरा करने के लिए ज्यादातर लोग विटामिन D सप्लीमेंट (Vitamin D Supplement) लेते हैं। गौर करने वाली बात तो ये है कि महीनों तक विभिन्न प्रकार की गोली, इंजेक्शन और अन्य सप्लीमेंट लेने के बावजूद लोगों को विटामिन D सप्लीमेंट का फायदा नहीं मिल पाता है। इसकी मुख्य वजह है किडनी फंक्शन का सही तरीके से काम न करना। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं विटामिन D सप्लीमेंट और किडनी फंक्शन के बीच क्या कनेक्शन है।

विटामिन D और किडनी के बीच कनेक्शन- Connection between vitamin D and the kidneys

डॉ. बसवराज एस. कुम्बार, कंसल्टेंट- इंटरनल मेडिसिन, Aster Whitefield Hospital का कहना है कि जब विटामिन D शरीर में जाता है चाहे वो धूप के जरिए हो या फिर सप्लीमेंट के तौर पर, तो ये तुरंत एक्टिव नहीं होता है। विटामिन डी को एक्टिव होने के लिए 2 अहम चरणों से गुजरना पड़ता है।

शरीर में विटामिन D कैसे काम करता है?- How does vitamin D work in the body?

  1. लिवर में- ये सप्लीमेंट सबसे पहले लिवर में जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर प्रकाशित रिसर्च बताती है कि   विटामिन D लिवर में जाकर 25-हाइड्रोक्सी विटामिन D में बदलता है। यही वह फॉर्म है, जिसे आमतौर पर ब्लड टेस्ट में मापा जाता है।
  2. किडनी में- लिवर के बाद विटामिन D सप्लीमेंट किडनी में जाता है। ये किडनी में जाकर कैल्सिट्रिऑल (Active Vitamin D) में बदलता है। इससे विटामिन सी आंतों में कैल्शियम को अवशोषित करता है। अगर किडनी ठीक से काम नहीं करती है, तो विटामिन D के अवशोषण का दूसरा चरण प्रभावित होता है और इसे इनएक्टिव कर देता है।

कमजोर किडनी में क्यों बेअसर हो जाता है विटामिन D?

डॉ. बसवराज एस. कुम्बार का कहना है कि जब किडनी कमजोर, क्षतिग्रस्त या उम्र के साथ इसके काम करने की क्षमता कम हो जाती है, तब उसकी विटामिन D को एक्टिव करने की क्षमता कम हो जाती है। किडनी के कमजोर होने की स्थिति में विटामिन D सप्लीमेंट का असर बॉडी सेल्स तक पहुंचता है और हड्डियां कमजोर होती चली जाती हैं। यही कारण है कि कुछ लोगों को विटामिन D लेने के बावजूद, हड्डियों में दर्द, बार-बार फ्रैक्चर, मांसपेशियों में ऐंठन लगातार थकान जैसी बीमारियां रहती ही हैं।

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किन लोगों में विटामिन D काम न करना खतरनाक है?

डॉक्टर बताते हैं कि कुछ लोगों को किडनी फंक्शन धीरे-धीरे कमजोर हो जाते हैं। ये बिना किसी लक्षण के होता है। आइए आगे जानते हैं किन लोगों में विटामिन D का काम न करना खतरनाक होता है।

  • डायबिटीज के मरीज
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
  • बार-बार किडनी स्टोन की समस्या होना
  • जो लोग ज्यादा पेन किलर लेते हों

क्या बिना जांच के विटामिन D सप्लीमेंट लेना सही है?

डॉ. बसवराज का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को मेडिकल टेस्ट या डॉक्टर की सलाह के बिना विटामिन D सप्लीमेंट का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को पहले से किडनी की समस्या है और ऐसे में वो विटामिन D सप्लीमेंट लेता है, तो उसमें कैल्शियम और फॉस्फेट का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ सकता है। इसके कारण धमनियों और हार्ट वाल्व में कैल्सिफिकेशन, किडनी टिशू को नुकसान, कब्ज, उल्टी और किडनी स्टोन की परेशानी हो सकती है।

विटामिन D लेने से पहले कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?

विटामिन D की कमी को पूरा करने के लिए आप भी सप्लीमेंट लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले नीचे डॉक्टर द्वारा बताए गए मेडिकल टेस्ट जरूर करवाएं।

सीरम क्रिएटिनिन

eGFR (Estimated Glomerular Filtration Rate)

ब्लड कैल्शियम और फॉस्फेट लेवल

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ये मेडिकल टेस्ट उन लोगों के बहुत ज्यादा जरूरी है, जिन्हें डायबिटीज, फैमिली किडनी स्टोन की हिस्ट्री या कैल्शियम से जुड़ी परेशानियां रही हों।