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मां बनना किसी भी महिला के लिए दूसरा जन्म माना जाता है। इस दौरान नई मां कई शारीरिक और भावनात्मक बदलावों से गुजरती है। हार्मोन में बदलाव के साथ नवजात बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी, दिनचर्या में बदलाव, नए रूटीन की शुरुआत आदि नई मां के लिए कभी-कभी मुश्किलों से भरा हो जाता है। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि बच्चे के जन्म के बाद मां के आहार पर खास ध्यान दिया जाए। पौष्टिक और सेहतमंद भोजन न सिर्फ मां की रिकवरी में सहायक होते हैं, बल्कि ये स्तनपान करने वाले शिशु के लिए भी लाभकारी होते हैं। शायद यही कारण है कि भारत में महिलाओं को डिलीवरी के बाद गोंद के लड्डू जरूर खिलाए जाते हैं। सदियों से ये चलन प्रचलित है और काफी असरदार भी माना जाता है।
डिलीवरी के बाद वजन बढ़ने के डर से आजकल महिलाएं गोंद के लड्डू खाने से बचती हैं। लेकिन ऐसा करना आपकी गलती हो सकता है। शिशु को जन्म देने के बाद गोंद के लड्डू खाने से आपकी सेहत को कई फायदे होंगे। ये लड्डू मोटे गेहूं, घी, गुड़, ड्राई फ्रूट्स आदि से बनाए जाते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, हेल्दी फैट्स, प्रोटीन, आयरन और अन्य खनिज पदार्थ होते हैं।
1. डिलीवरी के बाद नई माताओं को आमतौर पर काफी थकान और कमजोरी होने लगती है। लेकिन गोंद के लड्डुओं से उन्हें एनर्जी मिलती है।
2. खनिज पदार्थों से भरपूर ये लड्डू स्तनपान को बढ़ावा देते हैं।
3. डिलीवरी के बाद आमतौर पर नई मां की मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। गोंद के लड्डू इन्हें फिर से ताकत देने का काम करते हैं।
4. एक बच्चे को जन्म देना कोई आसान काम नहीं है। एक मां को इस दौरान बेतहाशा दर्द से गुजरना पड़ता है। गोंद के लड्डू इस दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
5. कई बार नई मां जिंदगी में हुए बदलावों के कारण पोस्टपार्टम डिप्रेशन या मूड स्विंग का शिकार हो जाती है। ऐसे में ये पौष्टिक लड्डू मूड बूस्टर का काम करते हैं।
गोंद के लड्डुओं को आप सिर्फ एक मिठाई न समझें। ये अपने आप में पौष्टिकता का पावरहाउस हैं। इनमें डाली गई हर एक सामग्री की अपनी विशेषता और गुण है।
1. घी में बनने वाले इन लड्डुओं में तिल भी डाले जाते हैं। ये दोनों ही आपको कैल्शियम, विटामिन के2 और ओमेगा-3 फैटी एसिड देते हैं।
2. नई मां के लिए बनाए जाने वाले इन खास लड्डुओं में कई प्रकार के ड्राई फ्रूट्स और सीड्स डाले जाते हैं, जो इन्हें और पौष्टिक बना देते हैं। कद्दू के बीज और अलसी में मैग्नीशियम और फैटी एसिड होता है, जो कमजोर हड्डियों को फिर से ताकत देते हैं।
3. गोंद एक शक्तिशाली खाद्य पदार्थ है। यह फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है।
4. नई माताओं के लिए बनाए जाने वाले गोंद के लड्डुओं में खासतौर पर हल्दी डाली जाती है। हल्दी एक नेचुरल एंटीबायोटिक है। यह कई संक्रमणों से बचाव के साथ ही हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मददगार होती है।
5.कई लोग गोंद के लड्डुओं में बेसन भी मिलाते हैं। बेसन के कारण इनमें प्रोटीन और आयरन की मात्रा बढ़ जाती है।
अगर आप गोंद के लड्डू बिल्कुल भी नहीं खाना चाहती हैं तो आप कुछ हेल्दी ऑप्शन भी चुन सकती हैं। या दोनों को ही अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।
1. बनाएं नटी बाइट्स : नटी बाइट्स बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आप अपनी पसंद के नट्स को शहद में मिलाकर खा सकती हैं।
2. खजूर से मिलेगा आयरन : डिलीवरी के बाद शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। इसलिए खजूर का नियमित सेवन करें। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन होता है।
3. बनाएं एनर्जी बार : डिलीवरी के बाद आमतौर पर नई मां को काफी भूख लगती है। ऐसे में घर पर बने एनर्जी बार आपके काम आएंगे। ओट्स और ड्राई फ्रूट्स से बने ये बार आपको भरपूर एनर्जी देंगे।
4. नारियल है गुणकारी : नारियल सेहत के लिए बहुत गुणकारी होता है। इससे बनी मिठाइयों में घी और शक्कर बहुत ही कम मात्रा में डाला जाता है। इसमें फैट और कैलोरी दोनों कम होते हैं।