शरीर के लिए पोटैशियम क्यों जरूरी है? जानें इसकी कमी से शरीर में क्या होता है

पोटैशियम शरीर के लिए जरूरी होता है। यह मांसपेशियों और नसों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी पूरा करने के लिए आप केला, शकरकंद जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।

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Written By: Anju Rawat | Published : August 5, 2026 7:30 PM IST

जब भी हम सेहत, जिम या डाइट की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले- प्रोटीन, विटामिन डी, कैल्शियम या फिर बी12 आता है। लेकिन क्या आपको पता हैं पोटैशियम भी शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। शरीर में पोटैशियम की सही मात्रा का बने रहना जरूरी होता है, जब शरीर में पोटैशियम का संतुलन बिगड़ता है, तो दिल की धड़कन से लेकर नसों के कामकाज तक सब गड़बड़ा सकता है। आपको बता दें कि पोटैशियम की कमी को हाइपोकैलेमिया (Hypokalemia) कहा जाता है। आइए, जानते हैं कि शरीर के लिए पोटैशियम क्यों जरूरी है और इसकी कमी से शरीर में क्या होता है?

पोटैशियम शरीर में क्या काम करता है?

  • National Institutes of Health (NIH) के अनुसार, पोटैशियम एक इलेक्ट्रोलाइट है। इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में पानी और मिनरल्स के बैलेंस को बनाए रखते हैं।
  • पोटैशियम हृदय स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी होता है। दरअसल, हमारा दिल हर समय धड़कता है। इस धड़कन को एक सही लय (Rhythm) में बनाए रखने के लिए पोटैशियम बहुत जरूरी है। अगर इसकी मात्रा बहुत कम या बहुत ज्यादा हो जाए, तो दिल की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है।
  • पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, क्योंकि यह शरीर में सोडियम के असर को संतुलित करने में भूमिका निभाता है।
  • पोटैशियम मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के लिए भी जरूरी होता है।
  • नर्वस सिस्टम को मैसेज भेजने में भी पोटैशियम मदद करता है।

पोटैशियम की कमी क्यों होती है?

  • ज्यादातर लोगों को लगता है कि पोटैशियम की कमी तब होती है, जब खाना कम खाया जाता है। जबकि, ऐसा बिल्कुल नहीं है।
  • जब शरीर से पानी और तरल पदार्थ तेजी से बाहर निकलते हैं, तब भी शरीर में पोटैशियम की कमी हो सकती है।
  • अगर ज्यादा उल्टी-दस्त की समस्या रहती है, तो पोटैशियम की कमी पाई जा सकती है।
  • अगर वॉटर पिल्स ले रहे हैं तो पेशाब के साथ पोटैशियम बाहर निकल सकता है।

पोटैशियम की कमी के लक्षण क्या हैं?

  • पोटैशियम की कमी होने पर बिना काम किए ही थकान और सुस्ती बनी रह सकती है।
  • मांसपेशियों में ऐंठन हो रही है, तो यह पोटैशियम की कमी का संकेत हो सकता है। इससे पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द का अनुभव हो सकता है।
  • पोटैशियम की कमी से आंतों की मांसपेशियां धीमी पड़ सकती हैं। इससे खाना सही से पच नहीं पाता है और पेट साफ करने में दिक्कत हो सकती है।
  • पोटैशियम की कमी होने पर दिल तेजी से धड़क सकता है या रुक-रुक कर धड़क सकता है।
  • कुछ मामलों में पोटैशियम की गंभीर कमी होने से फेफड़ों की मांसपेशियों पर भी असर पड़ सकता है। इससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

शरीर को रोज कितने पोटैशियम की जरूरत होती है?

NIH के अनुसार, वयस्कों में रोजाना पोटैशियम की जरूरत उम्र और लिंग के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर पुरुषों को लगभग 3,400 mg और महिलाओं को लगभग 2,600 mg पोटैशियम की जरूरत होती है.

पोटैशियम की कमी पूरी करने के लिए क्या खाएं?

NIH के अनुसार, पोटैशियम की कमी पूरी करने के लिए आपको अपनी डाइट में कुछ चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए। जैसे-

  • केला
  • आलू
  • शकरकंद
  • टमाटर
  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • राजमा
  • छोले
  • दालें और बीन्स
  • ड्राई फ्रूट्स

Disclaimer: पोटैशियम शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। यह मांसपेशियों और दिल की धड़कन को सही रखने में मदद करता है। हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए भी पोटैशियम की जरूरत होती है। वैसे तो खाद्य पदार्थों से पोटैशियम की कमी को पूरा किया जा सकता है। लेकिन, अगर इसका स्तर बहुत कम है तो आप हेल्थ एक्सपर्ट की राय पर पोटैशियम सप्लीमेंट ले सकते हैं। किडनी रोगियों और जो लोग हाई बीपी की दवा ले रहे हैं, उन्हें पोटैशियम सप्लीमेंट लेने से बचना चाहिए। अगर थकान, कमजोरी, सुस्ती, दिल की धड़कन तेज होना जैसे लक्षण महसूस हो तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें और तुरंत पोटैशियम की जांच कराएं।