चिप्स और जंक फूड देखकर क्यों ललचाते हैं आप ?

कार्बोहाइड्रेट के प्रति इंसान का लगाव इतना क्यों होता है ? इस बारे में कभी आपने सोचा क्या ?

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : February 17, 2019 9:17 PM IST

चिप्स हो या जंक फूड इसे खाने को लेकर तमाम तरह की सलाह के बावजूद हर कोई खाना चाहता है। आपने कभी सोचा कि ऐसा क्यों होता है कि इंसान जानते हुए भी इसे खाने के लिए परेशान होता है या यू कहें कि खाने का मन करता ही रहता है।

आप ज्यादातर देखते होंगे की जो भी जंक फूड होते हैं वो अक्सर आलू जैसे कार्बोहाइड्रेट से भरपूर पदार्थों से बनते हैं। कार्बोहाइड्रेट के प्रति इंसान का लगाव इतना क्यों होता है ? इस बारे में कभी आपने सोचा क्या ? नहीं सोचा होगा। आइए आज हम आपको बताते हैं इसके मुख्य कारण पीछे क्या राज है।

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नेचर से मिलने वाले सभी खाद्य पदार्थों में ऐसा कोई खाद्य पदार्थ नहीं जिसमें फैट और कार्बोहाइड्रेट भरपूर होता हो। अब आप इसे ऐसे समझों कि अनाज में जैसे गेहु, धान, आलू में कार्बोहाइड्रेट तो बहुत है लेकिन फैट बहुत कम है।

वहीं बीज वाले खाद्य पदार्थों में फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है तो कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत कम होती है। नेचर ने सिर्फ एक ही ऐसे आहार को ऐसा बनाया है जिसमें दोनों चीजों का समान अनुपात होता है। और वह है मां का दूध। मां के दूध में कार्बोहाइड्रेट भी होता है और पर्याप्त मात्रा में फैट भी होता है।

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जर्मनी में हुए एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ था कि मां के दूध में मौजूद फैट और कार्बोहाइड्रेट की आदत बच्चे को बचपन में ही लग जाती है। इस आदत को बच्चा अपने दिमाग में सुरक्षित कर लेता है।

बच्चा बड़ा होने के बाद भी इस बात को नहीं भूल पाता कि कार्बोहाइड्रेट और फैट का उपयोग उसके लिए अच्छा है। क्यों कि बच्चे को बचपन में ही इस बात का पता चल जाता है कि तेजी से पोषण और विकास के लिए फैट और कार्बोहाइड्रेट का सेवन फायदेमंद है।

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जब इंसान बड़ा होता है तो चिप्स या जंक फूड खाते ही उस एहसास को फिर से पाता है कि यह तो फैट और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर है और उसे देखते ही दिमाग उसे कहने लगता है कि खा लेते हैं। क्योंकि दिमाग इस तरह के खाद्य पदार्थों को पोषण देने वाली श्रेणी में स्टोर कर देता है। दिमाग को लगता है कि यह भी मां के दूध की तरह ही पोषण देने वाला पदार्थ है।

बचपन में दिमाग के इस आदत की वजह से कितने लोगों को मोटापा जैसी परेशानी से जुझना पड़ता है लेकिन लोग अपनी  इस आदत को बदल नहीं पाते हैं। वर्तमान जीवनशैली में इस तरह के खान-पान से तमाम बीमारियां हो रही हैं। ज्यादा कार्बोहाइड्रेट डायबिटीज से लेकर हार्ट अटैक के कारणों तक में शामिल है।

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