... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Jitendra Gupta | Published : August 17, 2022 1:33 PM IST
कमजोर होती याददाश्त को फिर से दुरुस्त बनाने का काम करता है ये फल, चीजें भूलने के बजाए चुटकियों में आएंगी याद
Brain boosting fruit in hindi : इसमें कोई दो राय नहीं कि अंगूर एक बेहद ही अद्भुत फल है, जो आपकी लंबी उम्र से जुड़ा है। एक्सपर्ट भी इस बात को मानते हैं कि ये फल न सिर्फ याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है बल्कि डिमेंशिया जैसी बीमारी के खतरे को भी कम करता है। फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर अंगूर का नियमित सेवन कई गंभीर बीमारियों के खतरे को दूर करने का काम करता है। एक हालिया अध्ययन के मुताबिक, ये फल उन लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद है, जो पश्चिमी डाइट को फॉलो कर रहे हैं। आइए जानते हैं कैसे।
लाल, काले, हरे रंगों में उपलब्ध अंगूर ने सिर्फ गुड बैक्टीरिया के लेवल को बूस्ट करने का काम करते हैं बल्कि कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने के साथ-साथ कैंसर के खतरे को भी कम करते हैं। से सभी चीजें इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काम करती है और इस फल में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण डिमेंशिया के खतरे को कम करते हैं। अंगूर में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट सूजन को कम करने का काम करते हैं, जिसकी वजह से मस्तिष्क के न्यूरोन के काम करने की क्षमता बेहतर होती है।
डिमेंशिया एक ऐसा शब्द है, जो याददाश्त में गिरावट, याददाश्त में कमी और ध्यान लगाने में दिक्कत के साथ जुड़ी हुई स्थितियों के एक समूह को संदर्भित करता है।
बात करें अंगूर के फायदों की तो ये फल फैटी लिवर डिजीज, लिवर को होने वाले नुकसान, वजन बढ़ने, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और मोटापे जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। बहुत से न्यूट्रिशिनिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि इन बीमारियों के खतरे को कम करने और अंगूर के अधिकतम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए आपको दिन में दो बार तक अंगूर का सेवन करना चाहिए।
वहीं डायबिटीज के मरीजों को हालांकि अंगूर के सेवनके वक्त थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि ये ब्लड शुगर हाई कर सकता है। दरअसल अंगूर का ग्लाइसिमिक इंडेक्स बहुत हाई होता है।
बता दें कि अंगूर के अलावा स्ट्रॉबेरी भी दिमाग को डिमेंशिया के खतरे से दूर रखने का काम करती है। स्ट्रॉबेरी सूजन से लड़ने में मदद करती है।
1-बोलने में दिक्कत
2-मूड चेंज
3-ध्यान लगाने में मुश्किल
4-एक बात पर अडिग न रहना
5-बर्ताव में बदलाव
6-धीमे-धीमे ख्याल आना
7-अक्सर गुजरने वाले रूट्स को याद न रख पाना