प्रदूषण का प्रभाव कम करने में मदद करेगा पानी, जानें 1 दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
Why drinking enough water is critical for mucus clearance and lung health during high AQI days : वायु प्रदूषण का प्रभाव शरीर पर कम करने के लिए रोजाना सही मात्रा में पानी पीना जरूरी है।
Staying hydrated is crucial for daily functioning. Researchers claim that even mild dehydration can result in fatigue which could affect our ability to focus and concentrate. Dr. Reffi says, "Unfortunately, a lot of people are chronically dehydrated simply because they don't drink enough water to fuel their daily activities.”
VERIFIED By: Deepika Dua Arora
Written by Ashu Kumar Das|Updated : December 24, 2025 9:35 AM IST
Why drinking enough water is critical for mucus clearance and lung health during high AQI days : दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में बढ़ता प्रदूषण लोगों को कई सारी हेल्थ प्रॉब्लम दे रहा है। हेल्थ प्रॉब्लम को मैनेज करने के लिए लोग विभिन्न प्रकार की दवाओं का सेवन भी कर रहे हैं। लेकिन प्रदूषण का प्रभाव शरीर पर कम हो और दवाएं न लेनी पड़े, इसके लिए आपको रोजाना सही मात्रा में पानी पीने की जरूरत है। दीपिका दुआ अरोड़ा, थेराप्यूटिक डाइटीशियन (Deepika Dua Arora, Therapeutic Dietitian, Founder of Mutation Diet Clinic, Delhi) का कहना है कि पानी न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि प्रदूषण के कारण शरीर में जमा होने वाली गंदगी को भी बाहर निकालता है।
प्रदूषण शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर प्रकाशित एक रिपोर्ट बताती है कि वायु प्रदूषण में मौजूद PM2.5, PM10, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जहरीले तत्व हैं। ये सांस के जरिए शरीर में जाते हैं। जिससे सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में म्यूकस (बलगम) जमना, आंखों में जलन, सिरदर्द, इम्यून सिस्टम का कमजोर होना जैसी समस्याएं होती हैं।
पानी शरीर में प्रदूषण के प्रभाव को कैसे कम करता है?
डाइटिशियन दीपिका दुआ अरोड़ा के अनुसार, जब आप सही मात्रा में पानी पीते हैं, तो इससे किडनी सही तरीके से काम करती है। रोजाना पानी पीने से शरीर से गंदगी बाहर निकलती है। इससे शरीर के अंदर जमा प्रदूषण का असर कम होता है।
ज्यादा प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोगों के फेफड़ों में बलगम जमा हो जाता है। ऐसे में सही मात्रा में पानी पीने से म्यूकस को पतला होता है। इससे फेफड़ों की सफाई अच्छे से हो पाती है और आपको सांस लेने में होने वाली परेशानी घटती है।
प्रदूषित इलाकों में रहने वाले लोग रोजाना 3 लीटर पानी पिएं, तो इससे शरीर हाइड्रेट रहता है। हाइड्रेशन सही होने से शरीर के बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। इम्यून सेल्स एक्टिव होकर शरीर को संक्रमण और विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन से लड़ने की ताकत देते हैं। इससे सर्दी, खांसी, बुखार और गले की खराश की समस्या कम होती है।
शायद आपको ये बात जानकर हैरानी होगी, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से त्वचा पर होने वाला प्रदूषण का प्रभाव भी घटता है। पानी त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है और डिटॉक्स एक्टिव होता है। इससे रूखी, बेजान और एक्ने पोर्न स्किन से राहत मिलती है।
वायु प्रदूषणके छोटे-छोटे कण शरीर के अंदर जाकर इंफ्लेमेशन को बढ़ाते हैं। पानी पीने शरीर को तापमान कंट्रोल में रहता है। ये शरीरिक थकान और सूजन को भी घटाते हैं।
प्रदूषण के मौसम में 1 दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन 8 से 10 गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन प्रदूषित इलाकों में रहने वाले व्यक्ति प्रतिदिन 3 से 4 लीटर यानी की 10 से 12 गिलास पानी पीना चाहिए। हाइड्रेशन बना रहे, इसके लिए दिन में घुंट-घुंटकर पानी पिएं। एक साथ बहुत सारा पानी पीने से बचें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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