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क्या मल्टीग्रेन ब्रेड खाने से नही बढ़ता मोटापा, जाने ब्रेड खाने के फायदे-नुकसान

जानें ब्रेड की कौन-सी वेरायटी आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी है और किस तरह की ब्रेड खाने के फायदे-नुकसान क्या हैं?

क्या मल्टीग्रेन ब्रेड खाने से नही बढ़ता मोटापा, जाने ब्रेड खाने के फायदे-नुकसान

Written by Sadhna Tiwari |Updated : August 6, 2023 2:02 AM IST

How Healthy Is Bread: सुबह ब्रेकफास्ट करना हो तो ब्रेड टोस्ट और बटर खाना सबसे कॉमन नाश्ता है वहीं, बच्चों को टिफिन में देने के लिए सैंडविच से लेकर पिज्जा बनाने के लिए भी ब्रेड का इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय घरों में ब्रेड का इस्तेमाल समय के साथ बढ़ता ही जा रहा है और अब अलग-अलग वेरायटी में ब्रेड हमारे आसपास की बेकरी और दुकानों में मिल जाता है। लोगों की जरूरत और हेल्थ को ध्यान में रखते हुए व्हाइट ब्रेड की जगह अब ब्राउन ब्रेड, ग्लूटेन-फ्री ब्रेड और मल्टीग्रेन बेड मिल जाते हैं। इस लेख में पढ़े कि ब्रेड की कौन-सी वेरायटी आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी है और किस तरह की ब्रेड खाने के फायदे-नुकसान क्या हैं? (How healthy is bread in Hindi.)

सफेद ब्रेड, ब्राउन ब्रेड या मल्टीग्रेन में से क्या है हेल्दी

एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ दशक पहले तक भारत में ब्रेड का सेवन (Bread consumption in India) बहुत कम मात्रा में होता था। लेकिन, अब भारतीय घरों मे ब्रेड से बनी चीजों जैसे सैंडवीच, ब्रेड रोल और गार्लिक ब्रेड जैसी चीजों का सेवन किया जाता है। वहीं, एक ब्रेड की स्लाइस में लगभग 300-350 कैलोरी होती है इसीलिए, ब्रेड खाने से मोटापा बढ़ने का भी डर होता है। वहीं, ब्रेड का बहुत अधिक सेवन करने से अन्य कई प्रकार की समस्याएं भी हो सकती है।

व्हाइट ब्रेड या सफेद ब्रेड मैदे से बनता है जिसमें फाइबर की मात्रा बिल्कुल नहीं होती। इसीलिए व्हाइट ब्रेड में पोषक तत्व भी कम मात्रा में होते हैं।

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वहीं, ब्राउन ब्रेड को भले ही लोग हेल्दी मानते हैं लेकिन,वह भी हेल्दी नहीं होता। ब्रेड में नकली रंग और प्रीजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसे साबुत गेंहू से बना हुआ बताया जाता है इसे हेल्दी होने के नकली दावे भी किए जाते हैं।

क्या है एक्सपर्ट की राय

ब्रेड चाहे ब्राउन हो या व्हाइट उसमें आटा या मैदा ही इस्तेमाल किया जाता है। इससे शरीर को किसी प्रकार के न्यूट्रिशन नहीं होता और इसमें केवल एम्प्टी कैलोरी ही भरी होती है जो आपके बेली फैट को बढ़ाने का काम करता है। न्यूट्रिशनिस्ट शिल्पा मित्तल (Shilpa Mittal, Nutritionist and Diet consultant,Shilpsnutrilife, Mumbai)  कहती हैं कि, इन दिनों कुछ विशेष प्रकार की ब्रेड भी बाजार में उपलब्ध है जिसे फोर्टिफाइड किया जाता है और जिनमें विटामिन डी की मात्राअधिक होती है। हालांकि मैं यह भी सलाह नहीं दूंगी कि केवल विटामिन डी के लिए आप ब्रेड का सेवन करें। क्योंकि, ब्रेड में नुकसानदायक चीजों की मात्रा अधिक होती है।

मल्टीग्रेन ब्रेड भी नहीं है हेल्दी

अब बात करते हैं मल्टीग्रेन ब्रेड (multigrain bread ) की जिसे फाइबर और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर बताया जाता है लेकिन, यह ब्रेड भी आटे से नहीं बल्कि मैदा से ही बनाया जाता है। वहीं, कुछ वेरायटी की ब्रेड में 10-20 प्रतिशत तक ही आटा होता है।

एक्सपर्ट के अनुसार, मल्टीग्रेन ब्रेड को हेल्दी नहीं कहा जा सकता। ऐसे में रोजाना नाश्ते में इन्हें खाने से आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है। ऐसे में,

  1. ब्रेड खाने की बजाय आप आटे से बनी ताजी रोटियां खा सकते हैं।
  2. इसी तरह कभी भी ब्रेड खरीदते समय ब्रेड के पैकेट पर लिखी जानकारियां सही तरीके से पढ़े।
  3. ऐसे ब्रेड ना खरीदे जिसमें पाम ऑइल और मैदा जैसी चीजें मिलायी गयी हों।

ब्रेड की जगह खाएं ये हेल्दी फूड्स

शिल्पा सलाह देती है कि लोग ब्रेड की बजाय नाश्ते में रोटियां खाएं। बाजरा, ज्वार और गेंहू से बनी पारम्परिक तरीके की रोटियां और परांठे फाइबर का अच्छा सोर्स हैं और इन्हें खाने से वेट मैनेजमेंट में भी मदद होती है। इसके अलावा इन चीजों का सेवन भी ब्रेड की जगह किया जा सकता है-

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