
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Anil Gomber
चाय में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है।
सुबह उठते ही चाय। नाश्ते के साथ चाय। ऑफिस में ब्रेक पर चाय। शाम को दोस्तों के साथ चाय। और सोने से पहले एक बार फिर चाय। अगर दिन में आपके 5-7 कप आराम से बिना कुछ सोचे और समझे पी जाते हैं तो रुकिए। चाय पीने की ये आदत आपको अंदर से खोखला कर सकती है। चाय बुरी नहीं है। पर ज्यादा चाय नुकसानदायक जरूर होती है। डॉ. अनिल गोम्बर, सीनियर डायरेक्टर- इंटरनल मेडिसिन और डायबेटोलॉजिस्ट, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मॉडल टाउन , नई दिल्ली कहते हैं कि 1 दिन में 5 से 7 कप चाय पी जाए तो इससे शरीर में कुछ विटामिन और मिनरल्स की कमी हो सकती है। क्योंकि चाय चुपके शरीर को अंदर से खोखला करने का काम करती है।
डॉक्टर बताते हैं कि भारतीय घरों में जो चाय बनती है उसमें मुख्य रूप से 3 चीजें पाई जाती हैं। जिसमें शामिल है-
डॉक्टर का कहना है कि ज्यादा चाय पीने से शरीर में 1 नहीं बल्कि कई प्रकार के विटामिन की कमी हो सकती है। इसमें मुख्य रूप से शामिल है-
ज्यादा चाय पीने से सेहत को नुकसान पहुंचता है।
चाय का टैनिन थायमिन को शरीर में घुलने ही नहीं देता है। थायमिन हमारे नर्वस सिस्टम और एनर्जी के लिए जरूरी है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट बताती है कि जो लोग ज्यादा चाय पीते हैं उनमें विटामिन B1 यानी थायमिन की कमी देखी जाती है। इसके कारण शारीरिक थकान, चिड़चिड़ापन, याददाश्त कमजोर, हाथ-पैरों में झुनझुनी, भूख न लगना जैसे लक्षण नजर आते हैं। ऑफिस में काम करते-करते अचानक थकान लगे तो इसकी वजह चाय भी हो सकती है।
ज्यादा चाय पीने के कारण शरीर में खून की कमी भी हो सकती है। चाय में मौजूद नॉन-हीम आयरन को टैनिन ब्लॉक कर देता है। अगर आप खाना खाने के तुरंत बाद चाय पीते हैं तो आपके खाने का 60% तक आयरन वेस्ट हो जाता है। इससे शरीर में कमजोरी, सांस फूलना, चक्कर आना, नाखून टूटना, त्वचा पीली पड़ना जैसी समस्या होती है। पुरुषों की तुलना में चाय के कारण आयरन की कमी महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है।
खाली पेट लगातार चाय पीने से फोलेट का अब्सॉर्प्शन घटता है। फोलेट खून बनाने और सेल रिपेयर के लिए जरूरी है। विटामिन B9 कमी होने पर मुंह में छाले, बाल झड़ना, कंसंट्रेशन की कमी नजर आती है।
कैफीन की वजह से शरीर से कैल्शियम पेशाब के साथ बाहर निकलता है। साथ ही विटामिन D का काम भी स्लो हो जाता है। लंबे समय में यह हड्डियां कमजोर, जोड़ों में दर्द, ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ा देता है। खासकर 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में ज्यादा चाय पीने के कारण विटामिन D और कैल्शियम की कमी देखी जाती है।
डॉक्टर बताते हैं कि सीधे चाय से विटामिन B12 कम नहीं होता है। पर आयरन और फोलेट की कमी की वजह से B12 का असर भी कम हो जाता है। नतीजा - कमजोरी और नर्व की प्रॉब्लम।
चाय महिलाओं की सेहत को ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।
डॉक्टर के अनुसार, ज्यादा चाय पीने से सिर्फ शरीर में विटामिन की कमी नहीं होती है, बल्कि यह कई अन्य प्रॉब्लम का कारण भी बनता है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
WHO की गाइडलाइन के हिसाब से दिन में 2-3 कप चाय बिल्कुल ठीक है। 1 कप 150ml का। यानि की एक दिन में 300 से 450 ml चाय पी जा सकती है, लेकिन ध्यान रखें कि खाली पेट चाय न पिएं, खाने के तुरंत बाद चाय न लें, 1 घंटे का गैप रखें, शाम 5 बजे के बाद कैफीन लेने से बचें।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। अगर आपको कमजोरी, एनीमिया या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है तो चाय की मात्रा कम करने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लें।