
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: dr. Neha Shah
सेहत के लिए फायदेमंद बीजों का पानी
हर दूसरे मरीज की सुबह अब एक जैसी दिखने लगी है, जिसमें वह रातभर अलग-अलग बीजों को भिगोकर, छानकर, खाली पेट गटागट पी रहे हैं। किसी दिन जीरा, किसी दिन मेथी, बीच-बीच में कलौंजी भी। 'द गुड वेट' की को-फाउंडर और ओबेसिटी एंड वेट लॉस स्पेशलिस्ट डॉक्टर नेहा शाह कहती हैं “इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसे "डिटॉक्स वॉटर" का नाम दे दिया है, और सच बताऊं तो, यह शब्द मुझे हर बार खटकता है। शरीर को अलग से डिटॉक्स करने की जरूरत नहीं होती। लिवर और किडनी यह काम वैसे भी चौबीसों घंटे करते रहते हैं। कोई बीज उनका विकल्प नहीं बन सकता।”
वह आगे कहती हैं कि इसका यह मतलब भी नहीं है कि ये बीज बेकार हैं। मतलब सिर्फ इतना है कि, हर बीज हर किसी के लिए नहीं है, और हर समस्या का जवाब भी नहीं। क्लिनिक में मरीज अक्सर पूछते हैं "मैडम, कौन सा पानी पिएं?" जवाब हमेशा एक जैसा नहीं होता। आइए जानते हैं कि डॉ. नेहा शाह अपने मरीजों को इन बीजों के पानी के बारे में क्या सलाह देती हैं?
जीरा पानी पीने के फायदे
डॉक्टर के अनुसार “जीरा का पानी सबसे सुरक्षित विकल्पों में से है। इसमें मौजूद तत्व डाइजेस्टिव जूस को एक्टिव करते हैं, गैस और ब्लोटिंग से राहत देते हैं। कुछ छोटे अध्ययनों में यह भी दिखाया गया है कि जीरा इंसुलिन सेंसिटिविटी को थोड़ा बेहतर कर सकता है। लेकिन यह वजन घटाने की गोली नहीं है, यह बात मैं हर बार दोहराती हूं क्योंकि मरीज अक्सर इससे चमत्कार की उम्मीद ले आते हैं।”
वह लोग जिन्हें अपच, गैस और भारीपन की शिकायत है, उनके लिए जीरा का पानी पीना फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं लो ब्लड प्रेशर वाले लोगों में जीरा रक्तचाप को और कम कर सकता है। इसलिए अधिक मात्रा में लेने से बचें।
मेथी का सेवन
मेथी के दाने ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए सबसे ज्यादा रिसर्च-बैक्ड बीजों में गिने जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध बढ़ाने के लिए भी यह परंपरागत रूप से इस्तेमाल होता रहा है, हालांकि, इस पर बड़े ट्रायल अभी कम हैं, लेकिन यह गैप मैं छुपाना नहीं चाहती।
प्री-डायबिटीज या हल्के बढ़े हुए ब्लड शुगर वाले लोग, स्तनपान कराने वाली माताएं मेथी का पानी पी सकती हैं। उनके लिए यह फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं जो पहले से शुगर की दवा या इंसुलिन ले रहे हैं, उनमें मेथी शुगर को जरूरत से ज्यादा गिरा सकती है।
डॉक्टर कहती हैं, “मेरी सलाह हमेशा यही रहती है कि दवा की डोज में बदलाव से पहले डॉक्टर को बताएं। गर्भावस्था में भी बड़ी मात्रा में मेथी से बचना बेहतर है, क्योंकि इसका गर्भाशय पर हल्का उत्तेजक प्रभाव माना जाता है।
अजवाइन का पानी पीने के फायदे
अजवाइन का पानी गैस, एसिडिटी और पेट दर्द से तुरंत राहत देने के लिए जाना जाता है। डॉक्टर कहती हैं कि यह मैं मरीजों से भी सुनती हूं और खुद भी मानती हूं। इसमें थाइमॉल नाम का तत्व पाचन एंजाइम को सक्रिय करता है। गैस, अपच और खाने के बाद भारीपन के लिए अजवाइन का पानी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन गर्भवती महिलाएं अजवाइन को बड़ी मात्रा में लेने से बचें। पारंपरिक और कुछ प्रायोगिक आंकड़े इसे गर्भाशय संकुचन से जोड़ते हैं, हालांकि मानव अध्ययन सीमित हैं। जिन्हें अल्सर या तेज एसिडिटी की समस्या है, वे भी खाली पेट अजवाइन पानी से परहेज़ करें, क्योंकि यह कभी-कभी जलन बढ़ा देता है।
कलौंजी का पानी कितना फायदेमंद है?
डॉक्टर नेहा के अनुसार कलौंजी यानी नाइजेला सीड्स पर पिछले कुछ सालों में काफी रिसर्च हुई है। यह सूजन कम करने और इम्यूनिटी को सपोर्ट करने के संकेत मिले हैं। पर यही वह बीज है जिसे लेकर मैं सबसे ज्यादा सतर्क रहती हूं। भले ही हल्की सूजन और एलर्जी की प्रवृत्ति वाले लोगों के लिए यह फायदेमंद है।
फिर भी, कलौंजी में खून पतला करने वाला हल्का असर होता है। जो लोग पहले से ब्लड थिनर (जैसे एस्पिरिन) जैसी दवाएं ले रहे हैं, या जिनकी कोई सर्जरी होने वाली है, वे कलौंजी को बिना डॉक्टर से पूछे शुरू न करें। गर्भावस्था में भी इससे बचना ही ठीक है।
सौंफ और धनिया का पानी पीने से क्या होता है?
सौंफ का पानी एसिडिटी और मुंह की बदबू में मदद करता है, और महिलाओं में हल्के मासिक दर्द में भी राहत देने के लिए इस्तेमाल होता आया है। धनिया का पानी हल्का मूत्रवर्धक प्रभाव रखता है और कोलेस्ट्रॉल पर भी कुछ शुरुआती अध्ययन सकारात्मक संकेत देते हैं। हालांकि, यहां भी बड़े क्लीनिकल ट्रायल की कमी है, इसे ध्यान में रखना जरूरी है।
एक्सपर्ट कहती हैं कि इन सारे बीजों को मिलाकर एक ही काढ़े में उबालकर पीने का चलन भी बढ़ा है। मैं इसे पूरी तरह गलत नहीं कहूंगी, लेकिन एक साथ चार-पांच चीजें मिलाने से यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि फायदा या नुकसान किससे हुआ। एक समय में एक बीज, कम मात्रा से शुरुआत करें।, और शरीर की प्रतिक्रिया पर नजर। यही तरीका मैं मरीजों को सुझाती हूं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी एक्सपर्ट की सलाह पर आधारित है, लेकिन यह किसी चिकित्सीय परामर्श या उपचार का विकल्प नहीं है। जीरा, मेथी, अजवाइन, कलौंजी, सौंफ या धनिया के पानी का असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। अगर आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, डायबिटीज, हाई या लो ब्लड प्रेशर, लिवर या किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं तो इनका नियमित सेवन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह जरूर लें। किसी भी घरेलू नुस्खे को दवाओं का विकल्प न मानें।