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दाल खाते ही पेट में होने लगती है गुड़गुड़, तो जान लीजिए कौन सी दाल के आपके लिए बेस्ट

Which is the easiest dal to digest: दाल खाने के बाद अगर आपको अक्सर गैस, पेट में दर्द की परेशानी होती है, तो हम आपको बताने जा रहे हैं पाचन के लिए कौन सी दाल सबसे अच्छी (Pachan ke liye Kaun si Dal sabse Achi hai) है?

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : December 9, 2025 3:37 PM IST

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Medically Verified By: Dr Anjana Kalia

Which is the easiest dal to digest: मूंग की दाल को पाचन के लिए सबसे बेस्ट माना गया है। अगर आपको दाल खाने के बाद पेट में दर्द, कब्ज, गैस और सीने में जलन की परेशानी होती है, तो अपनी रेगुलर दाल की बजाय खाने में मूंग की दाल (Moong ki Dal khane ke Fayde) को शामिल करें। आयुर्वेद के अनुसार, मूंग दाल, खासकर छिलके वाली हरी मूंग दाल या पीली मूंग दाल (धुली मूंग दाल)पचने में बहुत हल्की होती है। यह पाचन तंत्र पर अतिरिक्त भार नहीं डालती है।मूंग की दाल खाने के बाद पाचन से जुड़ी परेशानी नहीं होती है।

दिल्ली की अंजना कालिया डाइट क्लीनिक की आयुर्वेदाचार्य अंजना कालिया के अनुसार, मूंग कीदाल को त्रिदोषहर (Tridoshic) होती है। मूंग की दाल खाने से शरीर में वात, पित्त और कफ तीनों दोष संतुलित होते हैं। जब शरीर के दोष संतुलित रहते हैं, तो विभिन्न प्रकार की बीमारियां दूर होती हैं। साथ ही, पेट भी अच्छा महसूस करता है।

दाल खाने के बाद क्यों होती है एसिडिटी- Why does acidity occur after eating pulses

आयुर्वेदाचार्य का कहना है कि अरहर, उड़द और चना दाल का इस्तेमाल भारतीय घरों में ज्यादा किया जाता है। इन दालों की तासीर न सिर्फ गर्म होती है, बल्कि ये शरीर में वात दोष को बढ़ाती है। यही कारण है दाल खाने के बाद अक्सर लोगों को पेट में दर्द, एसिडिटी और पेट फूल की समस्या होती है।

पेट के लिए क्यों अच्छी है मूंग की दाल- Why is moong dal good for the stomach

  1. कम गैस बनाती है (Less Vata-Aggravating): उड़द, अरहर और राजमा की तुलना में मूंग की दाल की तासीर गर्म नहीं होती है। मूंग की दाल खाने से पाचन अग्नि ज्यादा सक्रिय होती है। इससे गैस या अपच (Indigestion) की समस्या नहीं होती
  2. शक्ति में शीतल (Sheeta / Cooling Potency): मूंग दाल की तासीर शीतल (Cooling) होती है, जो इसे पित्त दोष वाले लोगों या गर्मी के मौसम के लिए भी बेहतरीन बनाती है। शीतल तासीर होने के कारण मूंग की दाल पाचन के लिए अच्छी होती है।
  3. कमजोर पाचन के लिए आदर्श (Ideal for Weak Digestion): एक्सपर्ट के अनुसार, बीमार होने पर, बच्चों को, या बुजुर्गों को अक्सर मूंग दाल की खिचड़ी खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह शरीर को पोषण देती है और आंतों को शांत रखती है। यही कारण है की मूंग की दाल खाने से पाचन से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं।
  4. मूंग की दाल में मौजूद अघुलनशील फाइबर आंतों में एक स्पंज की तरह काम करता है, जो मल में भारीपन (Bulk) जोड़ता है।यह आंतों की गति (Peristalsis) को बढ़ाता है। इससे कब्ज (Constipation) को रोकने और मल त्याग को नियमित (Regular Bowel Movements) करने में मदद मिलती है। जब आप रोजमर्रा में मल त्याग आसानी से करते हैं, तो पाचन से जुड़ी बीमारियां दूर होती हैं।

पाचन के लिए कैसे खाएं मूंग की दाल-

अगर आप पाचन से जुड़ी परेशानी के लिए मूंग की दाल का सेवन करना चाहते हैं, तो नीचे बताए गए तरीकों से इसे डाइट में शामिल कर सकते हैंः

  1. मूंग दाल की खिचड़ी
  2. मूंग की दाल भिगोकर पकाएं
  3. मूंग की दाल का सूप
  4. भीगी हुई मूंग की दाल का शोरबा
  5. मूंग की दाल का सलाद बनाकर

Highlights

  • मूंग की दाल पाचन के लिए बेस्ट होती है।
  • मूंग दाल में हाई फाइबर पाया जाता है।
  • मूंग की दाल शरीर को त्रिदोष को नियंत्रित करती है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।