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Dahi Chura Benefits in Hindi: हल साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2021) सेलिब्रेट किया जाता है। बिहार का यह मुख्य पर्व है। इस दिन कई जगहों पर पतंगबाजी भी की जाती है। सूर्य के पौष महीने में मकर राशि में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति मनाया जाता है। पर्व-त्योहार चाहे जो भी हो, खास आकर्षण होता है खानपान और तरह-तरह के पकवान। मकर संक्रांति भी इससे अछूता नहीं है। मकर संक्रांति के दिन तिल, मुरमुरे आदि से बने गुड़ और चीनी वाले लड्डू, गजक, मूंगफली की पट्टी, तिलकुट (Tilkut) आदि तो खाया ही जाता है, साथ ही इस दिन यदि दही-चूड़ा (Dahi Chura) ना खाएं, तो यह पर्व अधूरा सा माना जाता है। मकर संक्रांति (Makar sankranti festival) के मौके पर दही-चूड़ा लोग सुबह और दिन में (Dahi Chura Benefits) खाते हैं। रात के समय खिचड़ी बनाकर खाई जाती है।
मकर संक्रांति पर्व से दस दिनों पहले से ही गुड़ की पट्टी, गजक, मूंगफली, पॉपकॉर्न आदि मिलने लगते हैं। लगभग सभी लोगों को चीजें खाना पसंद होती हैं। मकर संक्रांति पर तिल का दान करने का भी रिवाज है। इस दिन सफेद-काले तिल के लड्डू और दही-चूड़ा ना खाएं, तो पर्व जैसे अधूरा रह जाए। संक्रांति के दिन खिचड़ी (Khichdi) भी खाई जाती है। साथ ही खिचड़ी दान करने को भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद को चावल, दाल (उड़द दाल) आदि दान किया जाता है। गुड़ का भी सेवन किया जाता है। खासकर, चूड़ा-दही और गुड़ खाना स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी होता है। गुड़ में कई पोषक तत्व होते हैं, जो सर्दियों में इसे एक हेल्दी सुपरफूड बनाते हैं।
बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में दही-चूड़ा खूब खाया जाता है। जरूरी नहीं कि आप मकर संक्रांति के दिन ही दही-चूड़ा खाएं। यह एक हेल्दी नाश्ता भी हो सकता है। यह एक ग्लूटेन फ्री डायट है। चूड़ा को पानी में साफ करके दही मिलाया जाता है। इसमें गुड़ या चीनी डालने के बाद अच्छी तरह से मिलाकर खाने का मजा लिया जाता है। मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा खाना (Dahi Chura Benefits in Hindi) शुभ माना गया है।
चिवड़ा, चूड़ा या पोहा आप जो भी कहें, यह चावल से तैयार होता है। यह बेशक मोटा होता है, लेकिन पचता जल्दी है। चिवड़ा को दही के साथ खाने से पेट देर तक भरा रहता है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना कम हो जाती है। दही पेट के लिए हेल्दी होती है। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करती है। पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करती है। दही-चिवड़ा खाने से शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है।
पोहा या चिवड़ामें फाइबर अधिक होने के कारण पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाता है। कब्ज की समस्या नहीं होने देता है। आंतों को स्वस्थ रखता है। इतना ही नहीं, प्रेग्नेंसी में भी दही-चूड़ा खाने से लाभ होता है। इसमें आयरन होता है, जो गर्भावस्था के 9 महीने शरीर में खून की कमी नहीं होने देता है। चूंकि, इसमें गुड़ भी डालकर खाते हैं, इसलिए आपको एनीमिया की शिकायत नहीं होगी।
पाचन शक्ति को रखे मजबूत।
पेट की सेहत को रखे दुरुस्त।
शारीरिक कमजोरी होती है दूर।
हड्डियों और दांतों को रखे मजबूत।
दिल को रखे स्वस्थ, बवासीर की समस्या से बचाए।
सर्दियों में गुड़ खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है।
सर्दी-जुकाम, खांसी से बचाव होता है।
गले में खराश, खुजली से बचाता है।
गुड़ खाने से खून होता है साफ और हीमोग्लोबिन की मात्रा भी बढ़ती है।
शरीर में आयरन की कमी दूर करता है, जिससे खून की कमी नहीं होती।
जब आप चूड़ा-दही में गुड़ मिलाकर खाते हैं, तो शरीर में खून बढ़ता है।
दही शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं होने देता और गुड़ खून की कमी।
दही गुड़ साथ में खाने से वजन कम करने में मदद मिलती है।
सर्दी-जुकाम से बचाव होता है।
पाचन शक्ति मजबूत होता है।
पीरियड्स में होने वाले दर्द को करता है कम।
दही में डालकर खाएंगे यह 1 चीज, तो सेहत को होंगे ये चौंकाने वाले 6 लाभ