Chhath Prasad Benefits: जानिए छठ पूजा में चढ़ाए जाने वाले इन 6 प्रसाद के हेल्‍थ बेनिफिट्स

छठ पूजा का जितना महत्व है, उतना ही इस पूजा में चढ़ाए जाने वाले प्रसाद का भी महत्व होता है। सूर्य की उपासना के दौरान छठ के सूप में कई तरह के प्रसाद जैसे ठेकुआ, नारियल, केला, डाभ नींबू, गन्ना आदि रखे जाते हैं, जिनके सेहत पर कई लाभ होते हैं.

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Written By: Anshumala | Updated : November 10, 2021 11:14 AM IST

Chhath Prasad Benefits in Hindi: छठ पर्व एक महापर्व है, जिसमें सूर्य भगवान की उपासना की जाती है। छठ पूजा (Chhath Puja 2020) चार दिनों तक चलने वाला पर्व है। इस पर्व को मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड में मनाया जाता है, लेकिन अब दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में भी लोग छठ पूजा (Chhath puja) पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। हालांकि, कोरोना महामारी में इस बार छठ पूजा को सेलिब्रेट करने को लेकर भी कई राज्यों में प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। हालांकि, श्रद्दालू फिर भी छठ को सच्ची श्रद्धा भक्ति से मनाएंगे।

छठ पूजा का जितना महत्व है, उतना ही इस पूजा में चढ़ाए जाने वाले प्रसाद का भी होता है। सूर्य की उपासना के दौरान छठ के सूप में कई तरह के प्रसाद जैसे ठेकुआ, नारियल, केला, डाभ नींबू, गन्ना आदि रखे जाते हैं, जिनके सेहत पर कई लाभ होते हैं। जानें, कब है छठ पूजा और छठ के प्रसाद के सेहत लाभ (Chhath Prasad Benefits in Hindi) क्या होते हैं...

छठ पूजा 2020 कब है?

देश भर में छठ का पर्व श्रद्धाभाव से मनाया जाता है। यह पूजा (Chhath puja in hindi) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तारीख को की जाती है। दिवाली के छह दिनों बाद छठ पूजा होती है। व्रत करने वाले सुबह और शाम का अर्घ्य देते हैं। सुबह अर्घ्य देने के बाद छठ पूजा समाप्त हो जाती है। व्रती व्रत का समापन  करते हैं। इस वर्ष 2021 में आज यानि कि 10 नवंबर को छठ पर्व मनाया जा रहा है।

छठी मइया पर चढ़ाए जाने वाले प्रसाद के फायदे (Chhath Prasad Benefits in Hindi)

चावल के लड्डू होते हैं पौष्टिक और टेस्टी

छठ पूजा में चावल के आटे का लड्डू बनाया जाता है। सूर्य भगवान की पूजा करते समय अर्घ्‍य में चावल के लड्डू चढ़ाए जाते हैं। चावल शरीर को हाइड्रेट रखता है। यह पचता भी जल्दी है। चावल में विटामिन, मिनरल्स, कैल्श‍ियम, फाइबर, नियासिन, विटामिन डी, आयरन, राइबोफ्लेविन अधिक मात्रा में होते हैं। चावल से बना लड्डू और भी अधिक हेल्‍दी होता है। चावल में कार्बोहाइड्रेट होता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है। शरीर में पर्याप्त ऊर्जा की मदद से ही मस्तिष्क शरीर का संचालन करता है। चावल में मौजूद फाइबर कुछ कैंसर से भी बचाते हैं। कैंसर कोशिकाओं को विकसित नहीं होने देते हैं।

आयरन से भरपूर ठेकुआ है हेल्दी

ठेकुआ के बिना छठ पूजा अधूरी है। बिहार का प्रसिद्ध व्यंजन ठेकुआ गुड़ और आटे को साथ मिलाकर तैयार होता है। सर्दी के मौसम में गुड़ खाना सेहत के लिए बहुत हेल्दी (Gud benefits in hindi) माना गया है। गुड़ के सेवन से ठंड में होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। आयरन से भरपूर गुड़ शरीर में खून की कमी नहीं होते देता है। ठेकुआ थोड़ा चोकर युक्त आटे से तैयार हो, तो शरीर को फाइबर का लाभ भी होता है। ठेकुआ के सेवन से शरीर में कैल्शियम की कमी भी दूर होती है। आप इसे छठ पूजा के अलावा भी कभी भी बनाकर स्वीट स्नैक्स के तौर पर भी खा सकते हैं।

नारियल बूस्ट करे इम्यूनिटी

नारियल का इस्तेमाल कई पूजा में किया जाता है। नारियल और इसका पानी सेहत के लिए काफी हेल्दी होता है। नारियल में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण मौजूद होते हैं। इसके फायदे सौंदर्य के लिए भी काफी हैं। छठ पूजा में नारियल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। नारियल खाने से मौसमी फ्लू, सर्दी-जुकाम की समस्या से बचाव होता है। नारियल इम्यूनिटी भी बूस्ट करता है।

डाभ नींबू या चकोतरा भी है फायदेमंद

छठ प्रसाद (Chhath prasad benefits in hindi) के सूप में एक बड़ा सा नींबू होता है, जिसे डाभ नींबू या चकोतरा कहते हैं। डाभ नींबू विटामिन सी से भरपूर होता है। इसमें कई पोषक तत्व होते हैं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। सर्दियों के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव करता है।

केला दे भरपूर एनर्जी

फलों में डाभ नींबू के अलावा केला भी प्रसाद में चढ़ाया जाता है। केले में रिबोफ्लेविन, नियासिन, फोलिक एसिड, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फाइबर, हेल्दी स्टार्च आदि पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को कई लाभ देते हैं। इसे खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है। इसमें कैल्शियम होने के कारण बच्‍चों के शारीरिक विकास के लिए जरूरी है। केला खाने से शरीर को तुरंत ही एनर्जी मिलती है।

गन्ना, सिंघाड़ा, सेब भी होता है प्रसाद में मौजूद

छठ पूजा के सूप में केला और डाभ नींबू के साथ ही सेब, सिंघाड़ा, गन्ना भी होता है। अर्घ्य देते समय सूप में गन्ना होना भी आवश्यक है। छठ पूजा में सूर्य भगवान को नई फसल का प्रसाद चढ़ाने का रिवाज है। गन्ना इन्हीं दिनों तैयार होता है, इसलिए इसे सूर्य देवता को अर्पण किया जाता है। गन्ने का जूस पीलिया होने पर पीने से फायदा पहुंचता है। गन्ना कैंसर, हार्ट डिजीज जैसे रोगों के होने की संभावना को कम करता है। इसका जूस पीने से वजन कम होता है। पाचन शक्ति मजबूत होती है।

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