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Written By: Atul Modi | Published : November 15, 2020 5:15 PM IST
फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए क्या खाएं क्या नहीं? जानिए फायदेमंद और हानिकारक फूड
एक अच्छे स्वास्थ के लिए जरूरी है एक अच्छी डाइट। अगर हमारी डाइट अच्छी होगी, या यूं कहें कि अगर हम पोषक तत्वों का सेवन अच्छे से करें तो न हमारा दिन बल्कि शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग, हमारे फेफड़ें भी सुरक्षित रहेंगे। दरअसल फेफड़ों की वजह से ही हमारे शरीर को शुद्ध और साफ ऑक्सीजन मिलती है और यह फेफड़े ही शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर निकालते हैं। इसलिए बहुत जरूरी है इस बात का ध्यान रखना कि हम क्या खाएं और क्या नहीं।
जी हां, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि होल ग्रेन्स यानी कि अनाज का सेवन स्वास्थ के लिए बेहतरीन विकल्पों में से एक है। इससे आपके फेफड़े स्वस्थ रहते हैं। होल ग्रेन्स में ब्राउन राइस, पूरी-गेहूं की रोटी, पूरे-गेहूं का पास्ता, जई, क्विनोआ और जौ शामिल हैं। ये अनाज एक अच्छे स्वाथ्य के खजाने माने जाते हैं। क्योंकि इसमें फाइबर अधिक मात्रा में होता है। इसके अलावा एंटीऑक्सिडेंट ,विटामिन ई, सेलेनियम और आवश्यक फैटी एसिड से भरे होते हैं। तो होल ग्रेन्स से यारी आपके बहुत काम आने वाली है।
बहुत कम लोग होंगे जिन्हे कॉफी पसंद न हो! मिनटों में तनाव भगाने और ताजगी देने वाली कॉफी फेफड़ों के लिए वरदान से कम नहीं है। नियमित एक कप कॉफी स्वस्थ फेफड़ों के लिए सबसे अच्छी है। कॉफी में मौजूद कैफीन में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है और इसके अलावा पॉलीफेनोल, जो एंटीऑक्सिडेंट हैं, वो हमारे फेफड़ों को सुरक्षित करने में मदद करते हैं।
बदलते समय के साथ साथ प्रदूषण और हमारी खराब आदतें हमारे फेफड़े खराब करने में सबसे अहम् भूमिका निभा रही हैं। शरीर स्वस्थ रहे इसकी किसे चाह नहीं होती? अगर खाने में फाइबर युक्त भोज्य पदार्थ का प्रयोग करें तो वो फेफड़ों की सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। शोध की मानें तो फाइबर खाने वालों के फेफड़े सबसे स्वस्थ होते हैं। फाइबर युक्त भोजन में साबुत गेहूं, स्पेगेटी, बेक्ड बीन्स, चिया बीज, क्विनोआ, नाशपाती और ब्रोकोली शामिल कर सकते हैं।
अगर आप शराब के आदि हैं तो यकीन मानिये आप अपने फेफड़ों के सबसे बड़े दुश्मन बन रहे हैं। और आपकी इससे जान भी जा सकती है। बता दें शराब में उपस्थित सल्फेट्स अस्थमा के लक्षणों को बढ़ावा दे सकता है। अगर आप शराब लगातार पीते हैं तो आपको निमोनिया की समस्याएं होने की अधिक संभावना है। बेहतर है या तो आप शराब कम कर दें या छोड़ दें, तो अपने जीवन बेहतर जी सकते हैं।
बहुत से लोग अपना समय बचाने के लिए ताजा मीट खाने से ज्यादा प्रोसेस्ड मीट का इस्तेमाल करते हैं। ज्यादा समय तक केमिकल युक्त मीट न सिर्फ शरीर के लिए बल्कि फेफड़ों का भी दुश्मन होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि रखा हुआ मीट खाने से उसमें मौजूद केमिकल और नाइट्राइट फेफड़ों में सूजन और तनाव पैदा कर सकते हैं। बेकन, हैम, डेली मांस, और सॉसेज सभी प्रसंस्कृत मांस की श्रेणी में आते हैं।
एक बेहतरीन स्वाथ्य के साथ फेफड़ों की सुरक्षा सिर्फ हमारे हाथ में है। हम क्या खा रहे हैं और क्या नहीं, ये भी सिर्फ हम पर ही निर्भर करता है। अगर हम अच्छा खांएगे तो जाहिर सी बात है कि इसका प्रभाव भी अच्छा पड़ेगा और हमारे फेफड़े खुलकर सांस ले सकेंगे।