फैटी लिवर में क्या खाएं और क्या नहीं? जानें एक्सपर्ट से

Fatty Liver: फैटी लिवर रोगियों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान देना चाहिए। उन लोगों को अपनी डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए, जो आसानी से डाइजेस्ट हो सके। साथ ही, कुछ चीजों के सेवन से परहेज भी करना चाहिए।

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Written By: Anju Rawat | Published : August 4, 2025 3:58 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sugeeta Mutreja

Fatty Liver Diet: लिवर हमारे शरीर का एक अहम अंग है। हालांकि, गलत आहार और जीवनशैली की वजह से कई लोग लिवर की बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसमें फैटी लिवर रोग सबसे आम है। दुनियाभर में लाखों लोग फैटी लिवर की बीमारी से जूझ रहे हैं। फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर में अतिरिक्त फैट जमा हो जाता है। यह दो तरह का होता है, इसमें अल्कोहोलिक फैटी लिवर रोग और नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर रोग शामिल हैं। यानी शराब न पीने वाले लोगों को भी फैटी लिवर रोग हो सकता है। फैटी लिवर रोग का कोई स्थायी इलाज नहीं है। इसका इलाज करने के लिए हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल को फॉलो करना जरूरी होता है। फैटी लिवर रोगियों को अपनी डाइट का खास ख्याल जरूर रखना चाहिए। तो आइए, आरोग्य डाइट और न्यूट्रिशन क्लीनिक की डाइटिशियन डॉ. सुगीता मुटरेजा से जानते हैं कि फैटी लिवर में क्या खाएं और क्या नहीं?

फैटी लिवर में क्या खाएं?

साबुत अनाज

फैटी लिवर रोगियों को अपनी डाइट में साबुत अनाज जरूर शामिल करना चाहिए। आप ओट्स, ब्राउन राइस, ज्वार, बाजरा और जौ का सेवन कर सकते हैं। इनमें फाइबर अधिक होता है, जो लिवर फैट को कम करने में मदद करते हैं। साबुत अनाज खाने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। इससे डायबिटीज की वजह से होने वाले फैटी लिवर रोग से भी बचाव होता है।

हरी सब्जियां

फैटी लिवर रोगियों के लिए हरी सब्जियां बेहद फायदेमंद होती हैं। हरी सब्जियां खाने से लिवर को हेल्दी बनाए रखने में मदद मिलती है। हरी सब्जियों में फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स अधिक मात्रा में होते हैं, जो लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। हरी सब्जियां खाने से लिवर में वसा के संचय को रोकने में भी मदद मिलती है। अपनी डाइट में प्रोटीन के लिए दाल भी जरूर शामिल करें। 

नट्स और सीड्स

फैटी लिवर रोगियों के लिए नट्स और सीड्स काफी लाभकारी होते हैं। इनमें विटामिन्स, हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो लिवर हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। नट्स और सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ई होते हैं, जो लिवर की सूजन और वसा को कम करते हैं। आप चिया सीड्स, कद्दू के बीज और अलसी के बीजों का सेवन कर सकते हैं। 

फैटी लिवर में क्या नहीं खाना चाहिए?

  • फैटी लिवर रोगियों को प्रोसेस्ड फूड्स और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  • फैटी लिवर में तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाने से पूरी तरह परहेज करें।
  • फैटी लिवर रोगियों के लिए मैदा बेहद नुकसानदायक होता है। इसलिए इससे परहेज करना बहुत जरूरी है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

क्या फैटी लिवर में गैस बनती है?

हां, फैटी लिवर रोग होने पर पेट में गैस बन सकती है। इस स्थिति में पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

फैटी लिवर क्यों होता है?

फैटी लिवर कई कारणों से हो सकता है। शराब इसका मुख्य कारण है। लेकिन, यह गैर-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर रोग भी है। यह तब होता है, जब लिवर में ज्यादा फैट जमा हो जाता है।

फैटी लिवर के लिए कौन सा टेस्ट होता है?

फैटी लिवर का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट, बायोप्सी, अल्ट्रासाउंड आदि के जरिए लगाया जा सकता है।

फैटी लिवर के लक्षण क्या हैं?

पेट में दर्द, थकान, कमजोरी, वजन कम होना, भूख न लगना, त्वचा का पीला पड़ना, आंखों में पीलापन आदि फैटी लिवर के लक्षण हो सकते हैं।