मेंटल हेल्थ और अन्य बीमारियों से बचाव के लिए डाइट कैसी होनी चाहिए?

हम में से बहुत से लोग मेंटल हेल्थ से लेकर अन्य कई बीमारियों से जूझ रहे होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ अपनी डाइट में बदलाव करके आप इन समस्याओं को काफी हद तक ठीक कर सकते हैं? आइए डॉक्टर से जानते हैं सच क्या है?

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Written By: Vidya Sharma | Published : August 6, 2026 9:24 AM IST

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Medically Verified By: Dr Badal Taori

आप क्या खाते हैं, इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह आपकी मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) और ओवरऑल वेल-बीइंग को सुरक्षित रखने के सबसे बुनियादी तरीकों में से एक है। मेडिकवर हॉस्पिटल्स के जनरल मेडिसिन के कंसल्टेंट डॉक्टर बादल तौरी कहते हैं कि हाल की स्टडीज इस बात की पुष्टि करती हैं कि हमारा खाना न सिर्फ हमारी शारीरिक सेहत पर असर डालता है, बल्कि यह हमारे दिमाग की एक्टिविटी, मूड में बदलाव, याददाश्त और दिल की बीमारी, डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर व कुछ तरह के कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों के खतरे पर भी असर डालता है।

हेल्दी फूड्स दिमाग को कैसे प्रभावित करते हैं?

अपनी डाइट में भरपूर मात्रा में साबुत अनाज, ताजे फल, रंग-बिरंगी सब्ज़ियां, दालें, नट्स, बीज और फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ भी शामिल करें। ये चीजें शरीर में सूजन पैदा करने वाले पदार्थों के लेवल को कम करने, मजबूत इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने और हमारे गट को हेल्दी रखने में मदद करती हैं।

चूंकि गट और दिमाग 'गट-ब्रेन एक्सिस' के जरिए आपस में बहुत गहराई से जुड़े होते हैं, इसलिए गट को अच्छी स्थिति में रखने से न केवल शारीरिक सेहत में मदद मिलती है, बल्कि इमोशनल बैलेंस भी बेहतर हो सकता है और एंग्जायटी (चिंता) और डिप्रेशन का खतरा भी कम हो सकता है।

प्रोटीन से भरपूर फूड्स दिमाग के लिए कैसे फायदेमंद हैं?

डॉक्टर बताते हैं कि इसके अलावा, दालों, अंडों, मछली (खासकर फैटी मछली जैसे सैल्मन या मैकेरल), लीन मीट, सोया, पनीर और कम फैट वाले डेयरी जैसे अच्छे प्रोटीन स्रोतों से रोजाना इन खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें। जो मांसपेशियों और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। हेल्दी ऑयल जैसे ऑलिव ऑयल और फिश ऑयल (ओमेगा-3), जो फैटी मछली, अखरोट और अलसी के बीजों में पाए जाते हैं, उन्हें शामिल करने से दिल और दिमाग की सेहत के लिए कई बड़े फायदे मिलते हैं।

किन चीजों से बचना चाहिए?

डॉक्टर के अनुसार “हालांकि, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स, मीठे ड्रिंक्स, बहुत ज्यादा नमक, ट्रांस फैट और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इनके अधिक सेवन से मोटापा, डायबिटीज, दिल की बीमारी और शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन (क्रोनिक इन्फ्लेमेशन) हो सकती है।"

हाइड्रेट रहना भी बहुत जरूरी है

हेल्दी खाने के साथ-साथ हाइड्रेटेड रहना, 7-9 घंटे की अच्छी नींद लेना, नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करना और स्ट्रेस को मैनेज करना भी उतना ही ज़रूरी है। किसी एक 'सुपरफूड' पर निर्भर रहने के बजाय, हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ संतुलित, विविध और सस्टेनेबल डाइट का पालन करने से पुरानी बीमारियों से सबसे अच्छी सुरक्षा मिलती है और लंबे समय तक मानसिक सेहत भी अच्छी बनी रहती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विशेषज्ञ की राय पर आधारित है, लेकिन यह किसी भी तरह से पेशेवर चिकित्सीय सलाह, जांच या उपचार का विकल्प नहीं है। अगर आपकी मानसिक सेहत (मेंटल हेल्थ) आपके काम, रिश्तों या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लें।