
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 9, 2022 11:41 PM IST
Probiotics Importance and sources: हमारे शरीर में दो तरह के बैक्टेरिया पाए जाते हैं जिन्हें गुड बैक्टेरिया और बैड बैक्टेरिया कहा जाता है। प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स भी गुड बैक्टेरिया का प्रकार हैं जिनके कई प्रकार या स्ट्रेन होते हैं। प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक शरीर के भीतर मौजूद बैक्टेरिया के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं और इससे गट या आंत की हेल्थ को भी बेहतर बनाते हैं। प्रोबायोटिक्स फर्मेंटेड फूड्स में पाए जाते हैं और इनकी पर्याप्त मात्रा के लिए ऐसे फूड्स को अपनी रोजमर्रा की डाइट में आप शामिल कर सकते हैं जो आसानी से आपके आसपास उपलब्ध हैं और जिनमें प्रोबायोटिक्स की अच्छी मात्रा पायी जाती है। आइए समझें प्रोबायोटिक्स के महत्व, शारीरिक कार्यप्रणालियों में उनका योगदान और प्रोबायोटिक रिच फूड्स के बारे में। (Probiotics Importance and sources In Hindi)

जब शरीर में किसी इंफेक्शन या बीमारी की वजह से गट में बैड बैक्टेरिया (Bad bacteria) की संख्या बढ़ जाती है तो प्रोबायोटिक फूड का सेवन करने से बैक्टेरिया का संतुलन बना सकते हैं। प्रोबायोटिक्स वाले फूड्स का सेवन करने मेंटल हेल्थ बूस्ट (ways to boost mental health) होती है, साथ ही पाचन तंत्र भी बेहतर तरीके से काम करता है। इसके अलावा प्रोबायोटिक्स के कुछ और भी फायदे हैं जैसे-

एक्सपर्ट्स के अनुसार प्रोबायोटिक्स के बारे में अभी और रिसर्च करने की आवश्यकता है। लेकिन, फर्मेंटेड फूड्स और बैलेंस्ड डाइट का सेवन करने से प्रोबायोटिक्स का पूरा लाभ मिलता है और गट हेल्थ (Gut Health) भी बेहतर होती है। केफीर, खट्टी ब्रेड, किमची और दही प्रोबायोटिक्स के सबसे अच्छे स्रोत माने जाते हैं वहीं, भारत में रहने वाले लोगों के लिए प्रोबायोटिक्स के सबसे अच्छे स्रोत इस कौन-से फूड्स हैं उसकी एक लिस्ट पढ़ें यहां-