
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr Tushar Tayal
Low GI foods
आजकल लोग अपनी डाइट को लेकर काफी ज्यादा सतर्क होने लगे हैं। ऑफिस का लंच हो या फिर घर के खाने का टेबल, हर जगह सही डाइल को लेकर चर्चाएं चलने लग जाती हैं। इन चर्चाओं में कई तरह के फूड्स की बात होती हैं, जिसमें लो जीआई फूड्स की भी चर्चा होती है। ऐसे मे कुछ लोग इस तरह के फूड्स को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं। हम में से कई लोग इस फूड के बारे में नहीं जानते हैं। लेकिन अगर आप Low GI Foods के बारे में जानना चाहते हैं, तो इस लेख में आपको पूरी जानकारी मिलेगी। इसकी जानकारी के लिए हमने गुरुग्राम स्थित सीके बिरला हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन डॉ. तुषार तयाल से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं क्या है Low GI Foods? क्या इन्हें सिर्फ डायबिटीज के मरीजों को ही खाना चाहिए या ये हर किसी के लिए फायदेमंद हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-
ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) एक ऐसा पैमाना है, जो यह बताता है कि कोई खाद्य पदार्थ खाने के बाद आपके ब्लड में शुगर या ग्लूकोज का स्तर कितनी तेजी से बढ़ाता है। इसका स्कोर 0 से 100 के बीच होता है। इस पैमाने के आधार पर किसी भी फूड का जीआई निर्धारित होता है, जैसे-
चना, राजमा, जौ, ओट्स, दालें, अधिकांश हरी सब्जियां और साबुत अनाज Low GI Foods के अच्छे उदाहरण हैं। वहीं सफेद ब्रेड, मैदा, सफेद चावल और मीठे पेय पदार्थों का GI अपेक्षाकृत अधिक होता है।
डॉक्टर तुषार कहते हैं कि कई लोग मानते हैं कि Low GI Foods सिर्फ डायबिटीज के मरीजों के लिए होते हैं। यह पूरी तरह सही नहीं है। ये खाद्य पदार्थ लगभग हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
एक और आम गलतफहमी यह है कि Low GI का मतलब Low Calorie होता है, जबकि ऐसा नहीं है। GI सिर्फ यह बताता है कि भोजन ब्लड शुगर को कितनी तेजी से बढ़ाता है। किसी खाद्य पदार्थ का GI कम होने का मतलब यह नहीं कि उसमें कैलोरी भी कम होगी। इसलिए संतुलित मात्रा में खाना हमेशा जरूरी है।
1. डायबिटीज और प्री-डायबिटीज वाले लोग : Low GI Foods ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं, जिससे अचानक शुगर स्पाइक होने की संभावना कम रहती है। यही कारण है कि इन्हें डायबिटीज मैनेजमेंट में महत्वपूर्ण माना जाता है।
2. वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोग : इन खाद्य पदार्थों में अक्सर फाइबर अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है और ओवरईटिंग से बचाव होता है।
3. दिल की सेहत का ध्यान रखने वाले लोग : साबुत अनाज, दालें और फाइबर से भरपूर Low GI Foods कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए इन्हें हार्ट-फ्रेंडली डाइट का हिस्सा माना जाता है।
4. खिलाड़ी और नियमित व्यायाम करने वाले लोग : Low GI Foods शरीर को धीरे-धीरे और लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। इससे लंबे समय तक एक्सरसाइज या शारीरिक गतिविधि के दौरान ऊर्जा बनी रहती है।
5. गर्भवती महिलाएं : डॉक्टर का कहना है कि Low GI Foods को डाइट में शामिल करने से गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) के जोखिम को कम करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
Low GI डाइट अपनाने के लिए पूरी खाने की आदत बदलने की जरूरत नहीं होती। छोटे-छोटे बदलाव भी बड़ा अंतर ला सकते हैं।
Disclaimer : Low GI Foods सिर्फ डायबिटीज के मरीजों के लिए नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि, सिर्फ GI देखकर किसी खाद्य पदार्थ को हेल्दी मान लेना सही नहीं है। भोजन की कुल कैलोरी, पोषण मूल्य, फाइबर, प्रोटीन और मात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। संतुलित और विविध आहार के साथ Low GI Foods को शामिल करना लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक अच्छा कदम हो सकता है।