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Written By: Anshumala | Updated : October 6, 2020 1:32 PM IST
कीटोजेनिक डाइट के क्या दुष्प्रभाव होते हैं, जानें।
Keto Diet Side Effects in Hindi: जल्दी से जल्दी वजन कम करने के लिए आजकल लोग कई तरह के वेट लॉस डायट प्लान (Weight Loss Diet Plan) फॉलो करते हैं। उन्हीं में से एक ही कीटोजेनिक या कीटो आहार (Ketogenic diet in hindi)। वजन कम समय में कम करने के लिए कीटो डायट (Keto Diet) का बड़ा हाथ होता है। कई लोगों पर यह असर कर जाता है, तो कुछ को लाभ होने की बजाय नुकसान (Keto diet side effects in Hindi) भी पहुंचने लगता है। कीटो डाइट वजन कम करने के साथ ही डायबिटीज, अल्जाइमर जैसे रोगों को भी दूर रखता है। जब आप इस डायट प्लान को फॉलो करते हैं, तो आपके लिवर में कीटोन बनाता है, इसे ही शरीर ऊर्जा के रूप में उपयोग करता है। हालांकि, कीटो डाइट (Keto Diet benefits in hindi) के फायदे हैं, तो इसके नुकसानों को भी जरूर जान लें...
कीटो डायट प्लान में आपको उन खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल करना होता है, जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम (Low Carbohydrate) होती है। इस डायट के सेवन से लिवर में कीटोन बनता है, जिससे शरीर ऊर्जा का निर्माण करता है। कीटो डायट को (Keto Diet Plan in hindi) कीटोजेनिक डायट, लो कार्ब डायट या फिर फैट डायट भी कहते हैं। अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से शरीर ग्लूकोज और इंसुलिन का निर्माण होता है। ऐसे में शरीर ग्लूकोज को प्राथमिक ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है, इसलिए भोजन में मौजूद फैट शरीर संग्रहित कर लेता है। कीटो डायट में कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करके फैट से ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है। यह एक तरह की प्रक्रिया है, जिसे 'कीटोसिस' का नाम दिया गया है। कीटो डायट प्लान में 70 % फैट, 25 % प्रोटीन और 5 % कार्बोहाइड्रेट ही शामिल करना चाहिए।
जो लोग भी कीटो डायट फॉलो करते हैं, उनमें इंसुलिन लेवल कम हो सकता है। इंसुलिन लेवल कम होना आपके लिए ठीक नहीं है।
कीटोजेनिक डायट के सेवन से आपके मुंह से दुर्गंध आ सकती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस डायट को फॉलो करने के समय शरीर एसीटोन नाम का एक कीटोन उत्पन्न करता है। यही कीटोन मुंह से दुर्गंध आने का कारण बनता है।
आप कीटो डायट (Keto diet ke nuksan in hindi) का लगातार सेवन करते हैं, तो पाचन तंत्र को भी नुकसान हो सकता है। पाचनशक्ति में असुविधा हो सकती है। कब्ज की समस्या हो सकती है। इस डायट प्लान में फाइबर कम होता है। ऐसे में कब्ज से छुटकारा पाने के लिए फाइबर का सेवन जरूरी है।
कीटोजेनिक डायट से आपको थकान महसूस हो सकती है। हालांकि, ऐसा अधिक दिनों तक नहीं होता, क्योंकि जब आपको कीटो डायट की आदत पड़ जाएगी, तो आपका शरीर इस कीटो आहार के अनुसार खुद को ढाल लेगा या अनुकूलित कर लेगा, तो आपको थकान महसूस नहीं होगी।
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