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Mahakumbh Mela 2025: कुंभ मेला 3 प्रकार का होता है, इसमें अर्धकुंभ, पूर्णकुंभ और महाकुंभ शामिल हैं। अर्धकुंभ हर 6 साल में लगता है, वहीं पूर्णकुंभ हर 12 साल में लगता है। अगर महाकुंभ (Mahakumbh 2025) की बात करें, तो यह 144 साल बाद लगता है। इस साल प्रयागराज में पूरे 144 साल बाद महाकुंभ मेला लगा है। महाकुंभ को सबसे बड़ा और प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। इस साल कुंभ का शुभारंभ 13 जनवरी, 2025 को हुआ। महाकुंभ के पहले दिन प्रयागराज में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। वहीं, कुंभ में हजारों-लाखों लोग कल्पवास व्रत रखते हैं। कल्पवास की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि कल्पवास व्रत रखने से सभी पाप मिट जाते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने के साथ ही पुण्य फल भी प्राप्त होता है। कल्पवास व्रत रखने से किसी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है या नहीं इस चीज का दावा हम नहीं कर सकते हैं। लेकिन हां, हम आपको इस व्रत को रखने के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभों के बारे में जरूर बता सकते हैं। कल्पवास व्रत करने से बॉडी डिटॉक्स होती है और मानसिक शांत मिलती है। हालांकि, कल्पवास व्रत को रखना बेहद कठिन होता है। इस व्रत को तभी पूरा माना जाता है, जब इसके सभी नियमों का पालन किया जाए। इस व्रत में व्यक्ति एक निश्चित अवधि के लिए विशेष नियमों का पालन करते हुए साधना करता है।
कल्पवास व्रत में एक माह तक संगम के तट पर रहते हुए वेदाध्ययन और ध्यान-पूजन करना होता है। महाकुंभ के दौरान कल्पवास का काफी महत्व है। कल्पवास पौष माह के 11वें दिन से लेकर माघ माह के 12वें दिन तक किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, कल्पवास को एक रात्रि से लेकर, 3 रात्रि, 3 महीना, 6 महीना, एक वर्ष, 12 वर्षों या जीवनभर तक किया जा सकता है।
कल्पवास व्रत करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। इस व्रत में बेहद कठिन साधना होती है। कल्पवास के दौरान दिनचर्या बेहद कठिन होती है। कल्पवास के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है। अगर नियमों का पालन सही तरीके से न किया जाए, तो तपस्या भंग मानी जाती है। इससे व्यक्ति को सभी लाभ भी नहीं मिल पाते हैं। कल्पवास व्रत के नियम इस प्रकार से हैं-
कल्पवास व्रत के दौरान संगम के तट या नदी किनारे रहना पड़ता है। संगम के तट पर पूजा-अर्जना करनी होती है। साथ ही, नदी में एक दिन में 3 बार स्नान करना जरूरी होता है। इसलिए घर बैठकर इस व्रत को रखना मुश्किल हो सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।