रंग-बिरंगी चीजों को खाना पसंद करता है आपका बच्चा? जानें आर्टिफिशियल फूड कलर से क्या पड़ता है सेहत पर प्रभाव

Artificial Food Colors Side Effects: आर्टिफिशियल फूड कलर का सेवन करने से कई घातक बीमारियां होने की संभावना होती हैं। आइए जानते हैं इससे होने वाले नुकसान के बारे में-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : January 2, 2023 11:30 AM IST

Artificial Food Colors : आधुनिक समय में लोगों के खानपान और तौर-तरीकों में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिल रहा है। हम में से कई लोग आकर्षक चीजों को पहनना और खाना पसंद करते हैं। हालांकि, कपड़ों में रंगों की खूबसूरती झलकनी चाहिए, इससे आपका लुक भी अच्छा होता है। साथ ही आप फील भी अच्छा करते हैं, लेकिन क्या आप खाने में भी कलर डालते हैं? अगर हां, तो यह आपके लिए घातक हो सकता है। कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि आर्टिफिशियल फूड कलर स्वास्थ्य के लिए धीमी जहर होती है। ऐसे में आर्टिफिशियल कलर वाली चीजों से दूरी बनाकर रखें। खासतौर पर बच्चों को दी जानें वाली टॉफियों, जेली, जेम्स जैसी चीजों में काफी ज्यादा कलर होता है, जो आपके बच्चों की सेहत को बिगाड़ रहा है। आइए जानते हैं आर्टिफिशियल कलर से सेहत पर क्या पड़ता है प्रभाव?

आर्टिफिशियल फूड कलर के नुकसान - Artificial Food Color Side Effects

आर्टिफिशियल फूड कलर स्वास्थ्य के लिए कई तरह से नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इससे कई तरह की समस्याएं होने की संभावना होती हैं। आइए जानते हैं आर्टिफिशियल फूड कलर से सेहत पर होने वाले दुष्रभाव?

कैंसर का बढ़ता है खतरा

ऑर्टिफिशियल फूड कलर का अधिक सेवन करने से कैंसर का खतरा बढ़ता है। दरअसल, फूड कलर तैयार करने वाली चीजों में बेंजीन होता है, जिसे कार्सिनोजेन नाम से जाना जाता है। इसके साथ ही फूड कलर में कई तरह के केमिकल्स भी इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में यह कई तरह की घातक बीमारियों को दावत दे सकता है। कई रिसर्च में दावा किया गया है कि आर्टिफिशियल फूड कलर का लंबे समय तक सेवन करने से कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।

बढ़ती है एलर्जी की समस्या

आर्टिफिशियल फूड कलर का अधिक इस्तेमाल करने से एलर्जी की परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही कुछ लोगों को आर्टिफिशयल कलर युक्त चीजों का सेवन करने से एलर्जी ट्रिगर करने लगता है। इसकी वजह से सांस फूलने की परेशानी, पेट में दर्द, ऐंठन, स्किन पर रैशेज, सूजन जैसी समस्या हो सकती है। 

अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर 

फूड कलर का अधिक सेवन करने अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) होने की परेशानी हो सकती है। यह एक मानसिक समस्या है, जिसकी वजह से मरीजों में एकाग्रता की कमी, अधिक चंचलता और डिप्रेशन की परेशानी देखी जाती है। ऐसे में कोशिश करें कि फूड कलर या फिर इससे बनी चीजों का सेवन न करें। साथ ही बच्चों को भी इस तरह के फूड्स से दूर रखें। 

ऐसे आहार जिसमें नहीं होता है फूड कलर?

फूड कलर से मुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आपके शरीर को कई लाभ हो सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे कुछ हेल्दी आहार के बारे में-

  • डेयरी और अंडे: दूध, सादा दही, पनीर, अंडे, पनीर
  • मीट और पोल्ट्री: बिना मसाले वाला चिकन, पोर्क और मछली।
  • ड्राईफ्रूट्स और सीड्स: बिना स्वाद वाले बादाम, मैकाडामिया नट्स, काजू, पेकान, अखरोट, सूरजमुखी के बीज इत्यादि।
  • फल और सब्जियां: सभी ताजे फल और सब्जियां
  • अनाज: जई, ब्राउन राइस, क्विनोआ, जौ इत्यादि।
  • फलियां: काली बीन्स, किडनी बीन्स, छोले, नेवी बीन्स, दाल।

इन सभी रंग-बिरंगी चीजों को आप अपने आहार में शामिल करके खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। साथ ही आपके बच्चे भी गंभीर बीमारियों के खतरे से बच सकते हैं।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source