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Written By: Editorial Team | Updated : June 5, 2018 2:05 PM IST
हमारा शरीर हम सबको बताता रहता है कि हमें किसकी जरूरत है। कब सोना है, कब नींद पूरी हो गयी और कब खाना है। यह सब हमारे शरीर का सहज बोध है इसके लिए हमें किसी बने बनाये रुटीन को फॉलो नहीं करना होता है। इसके लिए हमें अपने शरीर के संकेतों को समझने की जरूरत होती है। हमारे शरीर का एक ऑटोरेगुलेटरी सिस्टम होता है जो हमें इन बातों का एहसास दिलाता है कि हमें किस चीज की आवश्यकता है।
मंजरी वेलनेस की कंसलटेंट न्यूट्रिशन डॉ. मंजरी चंद्रा बताती हैं कि ''अपने शरीर के संकेतों को समझने के लिए अभ्यास की जरूरत होती है। इससे आप अपने शरीर की वास्तविक स्थिति के बारे में जान पाते हैं। यह एक प्रकार का अंतर्ज्ञान है जिसे ऑटोरेगुलेटरी सिस्टम के रूप में जाना जाता है। यह आपको बताता है कि आपको क्या करना है क्या नहीं इसके साथ ही कब और कितनी मेहनत करनी है''
डॉ. मंजरी चंद्रा कहती है कि "सामान्यतौर पर क्या या कब खाना है, अथवा क्या नहीं खाना है इसके लिए कोई गाइड लाइन नहीं बनायी जा सकती। इसके लिए आप सबसे बेहतर व्यक्ति हैं जो अपनी पसंद खुद बनाये।"
आइए जानते हैं किन बातों का रखना है विशेष ख्यालः
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अनुवादक – Akhilesh Dwivedi
चित्र स्रोत- Shutterstock Images