दिल ही नहीं दिमाग पर भी असर करता है नमक,ज्यादा नमक खाने से दिमाग को हो सकते हैं ये बड़े नुकसान

अधिक मात्रा में नमक खाने से शरीर में सूजन और वॉटर रिटेंशन बढ़ता है। इसके साथ ही हार्ट हेल्थ पर भी नमक अधिक खाने से बहुत खराब प्रभाव पड़ते हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 29, 2022 12:21 PM IST

Bad effects of salt intake on brain: फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड्स आज लोगों की जिंदगी का हिस्सा हो गए हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास खाना खाने का भी वक्त नहीं है। ऐसे में लोगों फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड को अधिक अहमियत देते हैं। फास्ट फूड खाना अधिक सुविधाजनक भले ही लगे लेकिन, इससे स्वास्थ्य पर कई तरह के बुरे असर भी पड़ते हैं। पैकेटबंद फूड्स और प्रोसेस्ड फूड्स में तेल, प्रीजर्वेटिव्स और नमक की मात्रा काफी अधिक होती है जो कि स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदायक हैं। अधिक मात्रा में नमक खाने से शरीर में सूजन और वॉटर रिटेंशन बढ़ता है। इसके साथ ही हार्ट हेल्थ पर भी नमक अधिक खाने से बहुत खराब प्रभाव पड़ते हैं।

ज्यादा नमक खाने के नुकसान हैं कई

अधिक मात्रा में नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है और इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है। इससे समझा जा सकता है कि अधिक मात्रा में नमक खाना जानलेवा भी साबित हो सकता है। (Bad effects of salt intake on brain in Hindi)

स्कॉटलैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग (University of Edinburgh in Scotland) के शोधकर्ताओं द्वारा हाल ही में एक स्टडी की गयी जिसके परिणामों के अनुसार, अधिक मात्रा में नमक खाने से स्ट्रेस बढ़ाने वाले हार्मोन्स का उत्पादन अधिक होता है। वहीं, कार्डियोवैस्कुलर, कॉग्निटिव, इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं भी अधिक नमक खाने से बढ़ सकती हैं। इस स्टडी में बताया गया कि अधिक नमक खाने से लोगों के ब्रेन को अधिक नुकसान हो सकता है। यहां पढ़ें कि किन तरीकों से नमक की अधिक मात्रा आपके ब्रेन के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।

तनाव बढ़ सकता है

एक्सपर्ट्स के अनुसार नमक की अधिक मात्रा से दिमाग में स्ट्रेस बढ़ाने वाले हार्मोन्स का स्तर 60 से 75 फीसदी तक बढ़ सकता है। इसकी वजह से ब्रेन फंक्शन्स प्रभावित हो सकते हैं।

बढ़ता है स्ट्रोक का रिस्क

अधिक नमक खाने से ब्लड प्रेशर लेवल बढ़ सकता है जिसकी वजह से स्ट्रोक और पैरालिसिस का रिस्क बढ़ सकता है। इसी तरह हार्ट डिजिजेज और हार्ट अटैक का भी रिस्क बढ़ता है जो हमारे ब्रेन के लिए एक घातक बात है।

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