
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : January 23, 2023 9:07 PM IST
Ways excess sugar harms important organs of our body: शक्कर भले ही आपकी चाय-कॉफी और मिठाइयों का स्वाद बढ़ाती है लेकिन, शक्कर का सेवन आपकी हेल्थ के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। अधिक मात्रा में शक्कर का सेवन करने से ना केवल मोटापा और डायबिटीज से पीड़ित लोगों को नुकसान होता है बल्कि, इनसे जुड़ी कॉम्प्लिकेशन्स भी बढ़ती है । इसीलिए, लोगों को चीनी का सेवन करने से मना किया जाता है। लेकिन, केवल चाय-कॉफी और शर्बत में शक्कर पीना छोड़ देने से ही शक्कर का इंटेक कम नहीं होता। खाने-पीने की कई चीजों में शक्कर और नेचुरल शुगर छुपी हुई हो सकती है और इन चीजों के सेवन से भी आपके शरीर को शक्कर के साइड-इफेक्ट्स से बच पाना मुश्किल हो जाता है।
फल, सब्जियों और अनाज में पाए जाने वाले नेचुरल शुगर को जहां कम नुकसानदायक माना जाता है। वहीं, पैकेटबंद सामान में पाए जाने वाली शुगर आपकी हेल्थ के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। यह शक्कर कई क्रोनिक बीमारियों और लाइफस्टाइल डिजिजेज का रिस्क बढ़ा सकती है। टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट डिजिज, दांतों में कैविटी, लिवर डिजिज और कैंसर जैसी बीमारियों से जुड़ी कॉम्प्लिकेशन्स शक्कर की वजह से बढ़ सकती है। इस लेख में पढ़ें अधिक मात्रा में शक्कर खाने से हेल्थ को किस तरह के नुकसान हो सकते हैं और इन साइड इफेक्ट्स से कैसे बच सकते हैं
चीनी खाने से लत लग सकती है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। यह बढ़ा हुआ शुगर लेवल दिमाग पर बुरा असर डाला जाता है। एंग्जायटी, सिरदर्द, थकान, चक्कर, चिड़चिड़ापन और ब्रेन फॉग (brain fog) जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं इससे कॉग्निटिव पॉवर में कमी आ सकती है और धीरे-धीरे भूलने की बीमारी और अल्जॉाइमर्स जैसी समस्याएं बढ़ सकती है
शक्कर हमारे रक्त में घुलकर नसों के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाता है। हमारी आंखों में मौजूद ब्लड वेसल्स (Blood Vessels) में यह शुगर जमा होने लगती है और इससे आंखों में की रोशनी कमजोर होने, नजर धुंधली होने, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिनोपैथी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। डायबिटीज के मरीजों में यह समस्या धीरे-धीरे गम्भीर हो जाती है आंखों की रोशनी पूरी तरह चली जाती है।
शक्कर की अधिक मात्रा से स्किन में सूजन बढ़ने लगती है। इससे एक्ने, खुजली, एक्जिमा, सोरायसीस (Psoriasis) और रोसेसिया जैसी स्किन डिजिजेज का रिस्क बढ़ने लगता है। वहीं, स्किन के बूढ़ी होने की प्रक्रिया या एजिंग प्रक्रिया भी तेज हो सकती है और इससे कोलाजन का भी ब्रेकडाउन हो सकता है। जबकि, स्किन एलर्जी से पीड़ित लोगों की समस्याएं भी बढ़ सकती है।