
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : May 12, 2024 2:01 PM IST
Horse Gram for Stone : किडनी की पथरी, नेफ्रोलिथियासिस या यूरोलिथियासिस भी कहा जाता है। यह मिनरल्स और साल्ट्स से बनी कठोर जमाव होती है, जो आपके गुर्दे के अंदर बनती है। किडनी स्टोन का मुख्य कारण खराब खानपान, शरीर का अतिरिक्त वजन, कुछ मेडिकल स्थिति और कुछ सप्लीमेंट्स-दवाएं हो सकत हैं। किडनी स्टोन की सर्जरी काफी मुश्किल होती है, इसलिए इसे निकालने के लिए अधिकतर डॉक्टर्स सर्जरी की सलाह नहीं देते हैं। लेकिन कुछ घरेलू नुस्खों और दवाओं के माध्याम से किडनी स्टोन को बाहर निकालने की कोशिश की जाती है। घरेलू नुस्खों में कुलथी की दाल सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला नुस्था है। जी हां, कुलथी के दाल का सेवन करने से काफी हद तक किडनी स्टोन को बाहर निकालने में मदद की जा सकती है। आइए जानते हैं किडनी स्टोन को बाहर करने के लिए कुलथी दाल का किस तरह करें सेवन और क्या हैं इसके फायदे?
कुलथी के बीजों में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर रूप से पाए जाते हैं, जो गुर्दे की पथरी बनने वाली क्रिस्टलीकरण प्रक्रिया को कम करने और उन्हें बढ़ने से रोकने में असरदार हो सकते हैं। किडनी की पथरी, किडनी में कैल्शियम फॉस्फेट साल्ट के संग्रह के क्रिस्टलीकरण और सख्त होने से बनती है, इन स्टोन को तोड़ने का एकमात्र तरीका एंटीऑक्सिडेंट की क्रिया है, जो मुक्त कण कणों (जैसे कैल्शियम फॉस्फेट साल्ट) को खत्म करने में मदद करते हैं।
इसलिए, किडनी की पथरी से पीड़ित लोगों को अक्सर डॉक्टर्स कुछ सप्लीमेंट्स लेने की सलाग देते हैं। इन आहार सप्लीमेंट्स में कुलथी की दाल का सेवन करने का सुझाव सबसे ज्यादा दिया जाता है। यह आमतौर पर गुर्दे की पथरी के लिए में पहला घरेलू उपचार होता है।
किडनी स्टोन को बाहर निकालने के लिए आप कुलथी के दाल का सेवन कर सकते हैं। इससे यूरिन के माध्यम से पथरी टूटकर बाहर हो जाता है। इसके लिए 2 से 3 चम्मच कुलथी की दाल लें। इसे पानी में रातभर भिगोकर छोड़ दें।
इसके बाद सुबह इस पानी को पी लें और साथ में दाल को अच्छे से चबा-चबाकर खाएं। इससे बिना सर्जरी किडनी स्टोन निकलने में मदद मिल सकती है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।