अधिक जीना चाहते हैं तो डायट में कार्बोहाइड्रेट कम करें शामिल, जानें इसके फायदे और नुकसान

कार्बोहाइड्रेट डायट में अधिक शामिल करने से डिमेंशिया, अल्जाइमर आदि का खतरा बढ़ सकता है।

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Written By: Anshumala | Published : August 20, 2018 10:46 AM IST

शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता होती है और इनमें से कुछ कार्बोहाइड्रेट अन्य से बेहतर भी होते हैं। शुगर, स्टार्च, फाइबर आदि कार्बोहाइड्रेट के प्रकार हैं और ये शरीर के लिए हानिकारक नहीं होते हैं। कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जावान रखने के लिए बेहदर जरूरी है, लेकिन कई बार हद से ज्यादा और कम कार्बोहाइड्रेट लेने से भी शरीर को नुकसान पहुंचता है।

ऐसे में यदि आप अधिक दिनों तक जीने की चाहत रखते हैं, तो अपने डायट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को सीमित करना जरूरी है। यदि आप खानपान में आवश्यकता से अधिक या कम कार्बोहाइड्रेट की मात्रा लेते हैं, तो जल्दी मौत का खतरा बना रहता है। यह बात हाल ही में हुए एक शोध में सामने आई है। शोध में पाया गया है कि कार्बोहाइड्रेट में 40 फीसदी से कम या 70 फीसदी से ज्यादा ऊर्जा के सेवन से मौत का खतरा बढ़ जाता है लेकिन कार्बोहाइड्रेट के रूप में 50-55 फीसदी ऊर्जा ग्रहण करने वालों को मौत का खतरा कम रहता है।

यह शोध लांसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित किया गया है। शोध बोस्टन स्थित हार्वर्ड टी. एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में किया गया है।

शोध के सह-लेखक और हार्वर्ड टी. एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रोफेसर वाल्टर विलेट का कहना है कि शोध के इन नतीजों में एक साथ कई पहलू हैं, जो विवादास्पद रहे हैं। बहुत ज्यादा और बहुत कम कार्बोहाइड्रेट नुकसानदेह हो सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा जो गौर करने वाली बात है वह वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का प्रकार है।"

इस शोध में 45 से 64 साल की आयु वर्ग के 15,428 वयस्कों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों में पुरुष 600-420 किलो कैलोरी ऊर्जा रोज ग्रहण करते थे, जबकि महिलाएं 500-3600 किलो कैलोरी।

शोधकर्ताओं के आकलन के अनुसार, सीमित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट खाने वालों की आयु आवश्यकता से कम कार्बोहाइड्रेट खाने वालों की तुलना में चार साल अधिक पाई गई, जबकि अधिक कार्बोहाइड्रेट खाने वालों की तुलना में एक साल अधिक थी।

कार्बोहाइड्रेट के फायदे और नुकसान

कार्बोहाइड्रेट वे पदार्थ होते हैं जिनमें कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन होते हैं। कुछ कार्बोहाइड्रेट पानी में घुलनशील होते हैं। कार्बोहाइड्रेट के फायदे तो होते ही हैं साथ ही इसके कुछ नुकसान भी होते हैं इसलिए अधिक कार्बोहाइड्रेट लेने से बचना चाहिए।

ऊर्जा का प्रमुख स्रोत

कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा का प्रमुख स्रोत होता है। एक व्यक्ति को प्रतिदिन 225 से 335 ग्राम कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता होती है जो कि शरीर को जरूरी 2000 कैलोरी में से 900 से 1300 कैलोरी पहुंचाता है।

कितने प्रकार का होता है

इसे तीन भागों में बांटा गया है शुगर, स्टार्च और फाइबर।

लाभ

यह शरीर को ऊर्जावान रखने के लिए जरूरी है। हालांकि, कुछ लोगों को मानना है कि यह वजन भी बढ़ाता है लेकिन सभी कार्बोहाइड्रेट शरीर को मोटा नहीं करते।

- शरीर को रखता है चुस्त और ऊर्जावान।

- विभिन्न तरह के रोगों से बचाता है।

- भोजन को पचाने में मदद करता है।

- यदि कार्बोहाइड्रेट का सेवन सही मात्रा में किया जाए तो मोटापा भी कम करता है।

नुकासन

कार्बोहाइड्रेट डायट में अधिक शामिल करने से डिमेंशिया, अल्जाइमर आदि का खतरा बढ़ सकता है।

- कार्बोहाइड्रेट युक्त अधिक भोजन से मोटापा बढ़ता है।

- शुगर या डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता है।

- याद्दाश्त पर पड़ता है नकारात्मक प्रभाव।

- कार्बोहाइड्रेट की अधिकता से हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि मोटापे के बाद अन्य बीमारियां भी घेर लेती हैं।

मुख्य स्रोत

दूध, दूध से बने उत्पाद, फल, सब्जियों के अलावा सभी तरह के अनाजों में जैसे जौ, गेहू, मक्का, बाजरा, ज्वार, शर्करा, आलू, चावल, गन्ना, चुकंदर, खजूर तथा केले आदि में विशेष रूप से कार्बोहाइड्रेट्स पाए जाते हैं। शक्कर और गुड़ में अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इनके कार्बोज जल्दी पच जाते हैं।

(इनपुट: आईएएनएस)

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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