शरीर से अतिरिक्त चर्बी और वजन कम करने के लिए रोज खाएं अखरोट

मोनोअनसैचुरेटेड वसा वाले अन्य नट्स के विपरीत, अखरोट में पॉलीअनसैचुरेटेड वसा (पीयूएफए) के उच्च स्तर होते हैं, जो स्वस्थ वसा होते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखते हैं और शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं।

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Written By: Anshumala | Updated : June 4, 2019 2:44 PM IST

नट्स बहुत ही पौष्टिक और अनगिनत स्वास्थ्य-लाभकारी गुणों से भरपूर होते हैं। ये स्वस्थ वसा और फाइबर में समृद्ध होते हैं और ऊर्जा का पावरहाउस होते हैं। रोजाना मुट्ठी भर नट्स का सेवन करने से शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाता है। नट्स में अखरोट भी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो कई तरीकों से शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है। यह उन लोगों के लिए खासकर फायदेमंद साबित हो सकता है, जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

अखरोट में होता है गुड फैट

आखिर, अखरोट वजन किस तरह से कम कर सकता है, जबकि इसमें पर्याप्त मात्रा में फैट होता है। दरअसल, अखरोट में मौजूद फैट ''गुड फैट'' होता है, जो वजन बढ़ाने की बजाय उसे कम करने में मदद करता है। एक शोध में भी यह बात सामने आई है कि अखरोट वजन कम करने में सहायक होता है। शोधकर्ताओं ने डायबिटीज, ओबेसिटी और मेटाबॉलिज्म पर एक रिसर्च की।

शोध में शोधकर्ताओं ने 10 ऐसे लोगों को शामिल किया, जिन्हें डायबिटीज थी। इन्हें 1 महीने तक अलग-अलग डाइट दी गई, जैसे कुछ दिन अखरोट और स्मूदी, तो कुछ दिन केवल स्मूदी। उसके 1 महीने बाद सब प्रति‍भागियों को नॉर्मल डाइट दी गई। शोधकर्ताओं ने प्रति‍भागियों की ब्रेन एक्टीविटी में होने वाले बदलावों पर नजर रखा। इसके लिए उन्होंने फंक्शनल मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (FMRI) मशीन से जांच की।

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स्टडी में दो निष्कर्ष सामने आए। पहला ये कि अखरोट और स्मूदी के बाद प्रति‍भागियों को कम भूख महसूस हुई नॉर्मल स्मूदी की तुलना में। दूसरा ये कि अखरोट स्मूदी के 5 दिनों के बाद ही प्रति‍भागियों की ब्रेन एक्टीविटीज में अंतर था। शोधकर्ताओं के अनुसार, अखरोट भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है। इस प्रकार आपके वजन को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

वजन कम करने में अखरोट कैसे है बेहतर?

1 मोनोअनसैचुरेटेड वसा वाले अन्य नट्स के विपरीत, अखरोट में पॉलीअनसैचुरेटेड वसा (पीयूएफए) के उच्च स्तर होते हैं, जो स्वस्थ वसा होते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखते हैं और शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं।

2 अखरोट में मौजूद अल्फा-लिनोलेनिक एसिड या एएलए (ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक रूप) हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। शरीर को जल्दी वसा जलाने या बर्न करने के लिए प्रेरित करता है।

3. ऐसा माना जाता है कि अखरोट मस्तिष्क में मौजूद एक भाग राइट-इंसुला को उत्तेजित करता है, जो भूख को नियंत्रित करता है और फूड क्रेविंग को नियंत्रित करता है।

4 जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित एक अध्ययन दावा करता है कि यदि व्यक्ति अखरोट में मौजूद 300 कैलोरीज को प्रतिदिन खाएं, तो वे बेहतर तरीके से अपने वजन को नियंत्रित कर सकते हैं।

5 एलाजिक एसिड नामक एंटीऑक्सीडेंट सूजन को कम करता है और आंत को स्वस्थ और सुचारू रखता है। इससे चयापचय दर में सुधार होता है, जो बदले में अतिरिक्त कैलोरी और वसा को तेजी से समाप्त करता है।