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Written By: Atul Modi | Published : February 9, 2023 9:18 PM IST
शरीर के अच्छे विकास के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी होता है। शरीर के अंदरूनी फंक्शन के लिए विटामिन डी सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम की कमी हो जाए मांसपेशियों में ऐंठन जोड़ों में दर्द की वजह बन सकता है। हालांकि हम सभी को अपने शरीर में विटामिन के लेवल को जानना बेहद जरूरी है। ताकि हम अपनी डाइट और जरूरी पोषक तत्वों की कमी को पूरा कर सकें। इसके अलावा सबसे जरूरी बात ये भी है कि, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की मदद ले सकें। मांसपेशियों की ऐंठन के इलाज में किसी तरह की सर्जरी नहीं होती। जरूरत पड़ने पर लाइफस्टाइल और डाइट में कुछ बदलाव करने की सलाह दी जा सकती है। अगर आप भी असहनीय मांसपेशियों के दर्द से परेशान हैं, तो सबसे पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें।
शरीर की संरचना के कैल्सीफिकेशन को बढ़ाने के लिए विटामिन डी एक तरह का एंटीराचिटिक विटामिन है। यह विटामिन सूर्य से पराबैंगनी किरणों की प्रक्रिया से बनता है। इसलिए सूर्य की रौशनी में आने से एंटी-राचिटिक प्रभावित होता है। अगर विटामिन डी की कमी हो जाए तो इससे रिकेट्स जैसा रोग हो सकता है।
सूरज की रोशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा यह अंडे की जर्दी और डेयरी प्रोडक्ट्स में भी पाया जाता है।
हड्डियों के लिए कैल्शियम सबसे ज्यादा जरूरी होता है। हमारे शरीर में लगभग 12 सौ ग्राम कैल्शियम होता है जिसमें से करीब 99 फीसद कैल्शियम फास्फेट होता है, जो हड्डियों को मजबूती देता है। साथ ही शरीर को भार उठाने में सक्षम भी बनाता है।
बच्चों में रिकेट्स और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया शरीर में कैल्शियम की कमी की वजह से होने वाली आम बीमारियां हैं। यह समस्या समय से पहले बच्चों में होती है।
मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या से निपटने के लिए आपको विटामिन डी और कैल्शियम की कमी को दूर करने की जरूरत है। इसके स्रोत की मदद से इस कमी को आराम से पूरा किया जा सकता है।