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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 25, 2022 5:52 PM IST
विटामिन डी के फायदे (Vitamin D Benefits) कई हैं क्योंकि यह शरीर में कई अन्य पोषक तत्वों का निर्माण करता है. हाल के वर्षों में विटामिन डी की कमी के शिकार ज्यादातर लोग हो रहे हैं. धूप से बनने वाली विटामिन डी शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस के स्तर को बनाए रखता है. सूर्य की धूप विटामिन डी का मुख्य (Vitamin D Source) स्रोत है. हड्डियों में कैल्शियम की आपूर्ति भी विटामिन डी के माध्यम से ही होती है. शरीर के लिए जरूरी विटामिन डी पांच प्रकार का होता है. विटामिन डी-1, विटामिन डी-2, विटामिन डी-3, विटामिन डी-4, विटामिन डी-5 इत्यादि विटामिन डी के मुख्य प्रकार हैं. विटामिन डी के सभी प्रकार शरीर में अलग-अलग काम करते हैं.
शरीर में कैल्शियम का अवशोषण करना, रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर करना, हड्डियों और नर्व सिस्टम को सही से संचालित करने जैसे काम विटामिन डी के माध्यम से ही होते हैं. विटामिन डी की कमी होने पर मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
शरीर के लिए जरूरी विटामिन जितने भी हैं उनमें विटामिन डी सबसे जरूरी है. शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस का संतुलन बनाने के लिए विटामिन डी आवश्यक होता है. विटामिन डी पाचन तंत्र से जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मददगार होता है. शरीर को भोजन के द्वारा पोषक तत्व अवशोषित करने के लिए विटामिन डी की जरूरत पड़ती है.
विटामिन डी शरीर को संक्रमण से बचाने का भी काम करता है. शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी विटामिन डी फायदेमंद होता है. नर्व सिस्टम, मांसपेशियों और नसों के कार्य करने के लिए भी विटामिन डी जरूरी होता है. विटामिन डी मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में भी फायदा पहुंचाता है.
हार्ट रोग या हृदय रोग के खतरे को कम करने में भी विटामिन डी फायदेमंद होता है. डायबिटीज जैसे रोगों से बचने के लिए भी शरीर को जरूरी विटामिन मिलना ही चाहिए. अगर शरीर में लंबे समय तक विटामिन डी की कमी हो जाती है तो मोटापा और सूजन का खतरा बढ़ जाता है.
सबसे जरूरी बात यह है कि विटामिन डी का मुख्य स्रोत सूर्य की धूप ही होती है. जब इंसान की त्वचा पर सुरज की रोशनी या धूप पड़ती है तब शरीर में विटामिन डी का निर्माण होता है. यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जिससे विटामिन डी बनता है. इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थ भी हैं जो विटामिन डी के स्रोत होते हैं. विटामिन डी की कमी को पूरा कर सकते हैं डार्क चॉकलेट और कोको बटर.
डाइट फूड में देखें तो टमाटर, शलजम, मशरूम, पनीर, नींबू अंडे के पीले वाले भाग में विटामिन डी की मात्रा पायी जाती है. हाल के कुछ शोध बताते हैं कि डार्क चॉकलेट में भी विटामिन डी की मात्रा होती है. चुकंदर और शकरकंद में भी कुछ मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है. बालों का झड़ना भी विटामिन डी की कमी की वजह से होता है.
वैसे तो शरीर द्वारा विटामिन डी जब बनाया जाता है तब इसके नुकसान नहीं देखने को मिलते हैं. जब शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है तब विटामिन डी के सप्लिमेंट लिए जाते हैं.
जब अधिक मात्रा में विटामिन डी की खुराक ली जाती है तब यह नुकसान पहुंचाती है. विटामिन डी की दवा अधिक खाने पर क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं यहां पर जान सकते हैं.