• हिंदी

इस विटामिन की कमी से बच्चे की याददाश्त होती है कम, पढ़ाई में भी आनाकानी करता है बच्चा

इस विटामिन की कमी से बच्चे की याददाश्त होती है कम, पढ़ाई में भी आनाकानी करता है बच्चा

बच्चों में विटामिन बी12 की कमी से उनकी याद्दाश्त पर असर पड़ने लगता है, जिसके कारण उनका पढाई करने का मन नहीं करता है।

Written by Atul Modi |Published : December 7, 2023 7:29 PM IST

बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी है कि उन्हें सभी जरूरी पोषक तत्व सही मात्रा में मिलें। हर एक विटामिन और खनिज, बच्चों के लिए आवश्यक है। इन्हीं में से एक है विटामिन 'बी12'। विटामिन बी12 बच्चों के विकास में मददगार होता है। यह उनके तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने के साथ ही लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ाने में भी अहम होता है। यही कारण है कि इस विटामिन की मदद से शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन का संचार होने में भी मदद मिलती है। वहीं इसकी कमी बच्चों के तंत्रिका संबंधी विकास को प्रभावित करती है। बच्चे एनीमिया के शिकार भी हो सकते हैं।

हर उम्र की आवश्यकता अलग

उम्र के अनुसार विटामिन बी12 की आवश्यकता अलग-अलग होती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ऑफ़िस ऑफ़ डाइटरी सप्लीमेंट्स के अनुसार 6 माह तक के शिशुओं को करीब 0.4 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 की दैनिक आवश्यकता होती है। वहीं 7 से 12 महीने की उम्र के बच्चों के लिए यह मात्रा करीब 0.5 माइक्रोग्राम है। 1 से 3 साल के बच्चों को 0.9 माइक्रोग्राम और 4 से 8 साल की उम्र के बच्चों को 1.2 माइक्रोग्राम विटामिन बी 12 के सेवन की आवश्यकता होती है। 9 से 13 साल के बच्चों को करीब 1.8 माइक्रोग्राम और 14 से 18 वर्ष के किशोरों को करीब 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 की प्रतिदिन जरूरत होती है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भवती, महिलाओं और किशोरियों को 2.6 माइक्रोग्राम का सेवन करने की सलाह दी जाती है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रतिदिन 2.8 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 का सेवन जरूर करना चाहिए।

ये लक्षण बताते हैं शरीर में है विटामिन बी12 की कमी

विटामिन बी 12 की कमी अक्सर बच्चों और किशोरों में होती है। शरीर में इसकी कमी होने पर कई लक्षण नजर आते हैं। जैसे लगातार थकान बनी रहना, कमजोरी महसूस होना या फिर चक्कर आना। स्किन का पीला पड़ना, सांस लेने में परेशानी महसूस होना, हाथ-पैरों का सुन्न होना, चलने या खेलने में परेशानी होना आदि विटामिन बी 12 की कमी के लक्षण हो सकता है। इसी के साथ अगर बच्चे की याददाश्त कमजोर हो रही है, वह किसी काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा, स्वभाव चिड़चिड़ा हो रहा है या फिर वह डिप्रेशन में है तो यह भी विटामिन बी 12 की कमी के संकेत हो सकते हैं। विटामिन बी 12 की कमी के कारण कई बार जीभ का रंग बदलने लगता है या फिर उसकी बनावट में बदलाव व दर्द की शिकायत भी हो सकती है।

Also Read

More News

ऐसे करें विटामिन बी12 की कमी दूर

बच्चों में विटामिन बी12 की कमी दूर करने के लिए बहुत जरूरी है कि उनके आहार पर पूरा ध्यान दिया जाए। क्योंकि शरीर स्वाभाविक रूप से विटामिन बी12 का उत्पादन नहीं करता है। ऐसे में बच्चों की नियमित डाइट में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा शामिल होना चाहिए। बच्चों को नियमित रूप से दूध, दही, पनीर, अंडा, मांस, मछली और डेयरी उत्पादों का सेवन करना चाहिए। साथ ही संतरे, अंगूर, कीवी जैसे खट्टे फलों को खाना भी जरूरी है।