राजस्थान में बढ़ा लम्पी स्किन का डर,लोग पी रहे हैं बिना दूध की चाय, जानें काली चाय पीने के फायदे-नुकसान

लम्पी डिजिज के डर से राजस्थान में लोगों ने अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने और लम्पी डिजिज से बचने के लिए दूध पीना छोड़ दिया है और काली चाय पीना शुरू कर रहे हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 22, 2022 1:22 PM IST

Lumpy Skin Disease In Rajasthan: लम्पी स्किन डिजिज के बढ़ते खतरे के बीच राजस्थान में लोगों के मन में डर बढ़ रहा है। लम्पी स्किन डिजिज के बढ़ते खतरे के बीच राजस्थान में लोगों के मन में डर बढ़ रहा है। राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur) और पाली जिलों में लोगों ने अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने और लम्पी डिजिज से बचने के लिए दूध पीना छोड़ दिया है और काली चाय पीना शुरू कर रहे हैं। इन लोगों का मानना है कि दूध से बनी चाय पीने से उनके लिए लम्पी स्किन डिजिज का खतरा बढ़ सकता है और गाय या भैंस के दूध से इस संक्रमण के वायरस लोगों में फैल सकते हैं। बता दें कि, राजस्थान में पालतू जानवरों में लम्पी स्किन डिजिज के कई मामले सामने आए हैं और इस बीमारी की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। (Lumpy Skin Disease In Rajasthan In Hindi)

क्या दूध से फैल सकती है लम्पी स्किन की बीमारी (Lumpy Skin Disease transmission to humans from milk)

बता दें कि भारत में गाय और भैंसों का दूध सर्वाधिक उपयोग में लाया जाता है जिसे वयस्कों के अलावा बच्चे भी रोजाना गाय या भैंस का दूध पीते हैं और चाय, खीर या अन्य पकवानों में भी दूध का इस्तेमाल होता है। वहीं, दूसरी तरफ जानकारों का कहना है कि पालतू जानवरों का दूध पीने से मनुष्यों में लम्पी स्किन डिजिज का ट्रांसमिशन नही होता।

दूध वाली चाय से अधिक फायदेमंद है काली चाय? (Black Tea Vs Milk Tea)

भारत में लोगों को सुबह एक कप गर्मागर्म चाय पीने के बाद ही अपने दिन की शुरुआत करना पसंद आता है और लोग इसके लिए अलग-अलग तरीकों से अपने लिए चाय तैयार करते हैं। किसी को दूध वाली चाय पीना पसंद आता है तो किसी को बिना दूध की काली चाय। दूध वाली चाय का मीठा स्वाद लोगों का मूड बनाता है वहीं, काली चाय पीने से उन्हें एनर्जी मिलती है। दूध वाली चाय में अलग-अलग तरह के मसाले जैसे अदरक, काली मिर्च, तुलसी के पत्ते और लौंग आदि मिलाने से इस चाय की पौष्टिकता और फ्लेवर बढ़ जाता है।

लेकिन, लैक्टोज इंटॉलरेंज से परेशान लोगों के लिए दूध वाली पीना कई हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह बन सकता है। इससे उन्हें पेट फूलने (bloating) और उल्टी की शिकायत हो सकती है। वहीं, दूध वाली चाय पीने से एसिडिटी भी बढ़ सकती है। जबकि, हाई ब्लड शुगर लेवल वाले लोगों को दूध और चीनी वाली पीने से उनकी स्थिति को मैनेज करने में दिक्कतें आ सकती है। वहीं, दूसरी तरफ काली चाय पीने के अपने कई फायदे हैं जिनके बारे में अक्सर बाते की जाती है। दूध वाली चाय की जगह काली चाय पीने से क्या फायदे हो सकते हैं उसके बारे में पढ़ें यहां।

काली चाय पीने के फायदे (Black Tea Health Benefits In Hindi)

  • दूध वाली चाय की तुलना में एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) की मात्रा काली चाय में अधिक होती।
  • काली चाय पीने से मोटापा और शरीर की सूजन कम होती है।
  • स्किन और बालों का टेक्स्चर सुधरता है। (beauty benefits of black tea)
  • दूध वाली चाय पीने से डाइजेशन बिगड़ सकता है।लेकिन, काली चाय पीने से ऐसा नहीं होता।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी लेवल जैसी समस्याओं से परेशान लोगों को काली चाय पीने से फायदा होता है।

काली चाय पीने के नुकसान

  • अधिक मात्रा में काली चाय पीने से शरीर में आयरन की कमी (Iron Deficiency) हो सकता।
  • भोजन के बाद ब्लैक टी पीने से एनिमिया और पोषक तत्वों की कमी (Nutritional Deficiency) हो सकती है।
  • काली चाय पीने से अनिद्रा (Insomnia) और नींद से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
  • किडनी में पथरी की समस्या बढ़ सकती है।
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