
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Mishra Kishori | Updated : December 18, 2024 3:46 PM IST
Dal for Uric Acid
Which Pulses Good for Uric Acid : दाल प्रोटीन और फाइबर का काफी अच्छा सोर्स होता है, जो हाई यूरिक एसिड स्तर से जूझ रहे लोगों के लिए सही माना जाता है। लेकिन कुछ दालें यूरिक एसिड के मरीजों को खाने से मना किया जाता है। वहीं, कुछ ऐसी दालें भी हैं, जो हाई यूरिक एसिड से जूझ रहे मरीजों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। इस लेख में हम आपको यूरिक एसिड के मरीजों के लिए कौन सी दाल अच्छी होती है, इस बारे में विस्तार से बताएंगे। आइए जानते हैं यूरिक एसिड के मरीजों के लिए कौन सी दाल अच्छी होती है?
यूरिक एसिड में अगर आप दाल का सीमित मात्रा में सेवन करते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए सही होता है। लेकिन जरूरत से अधिक या फिर कुछ विशेष दालों का सेवन करने से आपको नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ दालों में प्रोटीन के साथ-साथ कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व जैसे- प्रोटीन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हेल्दी होते हैं।
तूर यानि अरहर की दाल को यूरिक एसिड के लिए अच्छा माना जाता है। क्योंकि इस दाल में फाइबर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है। लेकिन ध्यान रखें कि दाल को पकाने से पहले इसे अच्छी तरह से धोएं और कुछ घंटों तक भिगोकर रखने के बाद इसे पकाएं।
अगर आप हाई यूरिक एसिड से जूझ रहे हैं, तो इस स्थिति में मसूर की दाल सीमित कर दें। क्योंकि इसके सेवन से शरीर में प्यूरीन का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में यूरिक एसिड की समस्याएं बढ़ जाती हैं।
मूंग दाल को हाई यूरिक एसिड से जूझ रहे मरीजों के लिए सुरक्षित माना जाता है। एक सौ ग्राम मूंग दाल में 24.5 ग्राम प्रोटीन और लगभग 8.2 ग्राम कुल फाइबर होता है। सौ ग्राम पकी हुई मूंग दाल में लगभग 80 मिलीग्राम प्यूरीन होता है। आप अपने दैनिक आहार में 50 ग्राम मूंग दाल को सुरक्षित रूप से शामिल कर सकते हैं।
अगर आपका यूरिक एसिड लेवल हाई है तो आप चना दाल का सेवन सुरक्षित तरीके से कर सकते हैं। लेकिन अधिक मात्रा में चना दाल खाने से बचें।
अगर आप यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो दाल का सही तरीके से सेवन करें। दाल को पकाने से पहले दालों को अच्छी तरह से धोना चाहिए। इसके बाद दाल को पूरी रातभर पानी में भिगोकर छोड़ें और फिर इसे पकाएं। अगर आप दाल को अच्छी तरह से पकाते हैं, तो इससे दाल में प्यूरीन की मात्रा काफी हद तक कम हो जाती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।