
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : April 1, 2025 4:02 PM IST
Cooking Oil And Uric Acid Level: हाई यूरिक एसिड लेवल खराब लाइफस्टाइल की वजह से होने वाली एक हेल्थ प्रॉब्लम है। शरीर में यूरिक एसिड लेवल बढ़ जाने से पीड़ित व्यक्ति एक जगह का हो कर रह जाता है। दरअसल, यूरिक एसिड बढ़ जाने से पैरों के पंजों में तेज दर्द और चुभन महसूस हो (symptoms of high uric acid level in body) सकती ( है। इसी तरह जॉइंट पेन (Joint pain due to high uric acid level) की वजह से लोगों के लिए चल-फिर पाना भी कठिन हो जाता है। ऐसे में लोगों की पूरी दिनचर्या इससे प्रभावित हो जाती है।
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का कारण आपकी खान-पान की आदतें (dietary habits and uric acid level) होती हैं। दरअसल, खाने-पीने की कुछ चीजों में प्यूरीन (Purine) नामक तत्व पाया जाता है जो शरीर में यूरिक एसिड बढ़ाने का काम करता है। वहीं, फैट्स और हाई प्रोटीन डाइट भी (high protein diet side effects) शरीर में यूरिक एसिड बढ़ाने का काम करते हैं। खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कूकिंग ऑयल भी यूरिक एसिड का स्तर बढ़ाने या कम करने में एक भूमिका निभा सकता (Cooking oil and uric acid levels) है। ऐसे में लोगों को अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड के लेवल को कम करने के लिए किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिएं और किस तरह के कूकिंग ऑयल (Cooking oil and uric acid का इस्तेमाल और किस तेल से परहेज करना चाहिए।
कुछ स्टडीज के अनुसार सरसों के तेल (mustard oil) में पका खाना खाने से शरीर में यूरिक एसिड लेवल बढ़ने का रिस्क भी बढ़ जाता है। रिसर्च गेट की रिपोर्ट के अनुसार, सरसों के तेल में एरुसिक एसिड (42.8%) और लिनोलेनिक एसिड (18.2%) पाए जाते हैं जो शरीर में यूरिक एसिड बनने का कारण (oil causing high uric acid level in the body) बन सकते हैं। बता दें कि अमेरिका की खाद्य सुरक्षा इकाई एफडीए (FDA) ने सरसों के तेल में खाना ना पकाने की सलाह दी है और इस तेल पर बैन भी लगाया था।
ऑलिव ऑयल को यूरिक एसिड मरीजों के लिए (Olive Oil for people with high uric acid levels)कम नुकसानदायक माना जाता है क्योंकि, इसमें हेल्दी फैट्स के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidants) भी पाए जाते हैं। ऑलिव ऑयल के सेवन से शरीर में यूरिक एसिड का लेवल तेजी से नहीं बढ़ता। साथ ही ऑलिव ऑयल के एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व (Anti inflammatory properties) शरीर में सूजन कम करते हैं और जोड़ों के दर्द से भी आराम दिलाते हैं।
सूरजमूखी के बीजों से तैयार सनफ्लॉवर ऑयल (Sunflower oil) हल्का और कम चिपचिपा तेल होता है। वहीं, इसमें पका खाना खाने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर कम होने जैसे दावे भी किए गए हैं।
न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिशियन शिल्पा मित्तल (Shilpa Mittal, Dietician) कहती हैं कि, यूरिक एसिड का बढ़ना सीधे-सीधे किसी कूकिंग ऑयल से संबंधित नहीं है। लेकिन, आपकी डाइट से जुड़ीं आदतें आपके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ाने का काम कर सकती हैं। जैसे बहुत ज्यादा तला-भुना खाने, एक्सरसाइज ना करने और पानी कम पीने से भी शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है।
शिल्पा मित्तल सलाह देती हैं कि लोगों को यूरिक एसिड को अंडर कंट्रोल रखने के लिए(Natural ways to control high uric acid level) इन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे-
शरीर में पानी की कमी (sharir mein pani ki kami) ना होने दें। दिन भर में थोड़ी-थोड़ी देर पानी पिएं। इससे शरीर में टॉक्सिंस (toxins) या हानिकारक तत्व जमा नहीं होंगे और यूरिक लेवल बढ़ने का रिस्क भी कम होगा।
डाइटिशियन के अनुसार, भोजन में प्रोटीन की अधिक मात्रा यूरिक एसिड बढ़ाने का काम कर सकती है। ऐसे में आपको अपनी डेली डाइट में से प्रोटीन वाले फूड्स को कम करना चाहिए। आप पनीर और डेयरी प्रॉडक्ट्स (Dairy products), टोफू (Tofu or soya paneer), नॉन-वेजिटेरियन फूड्स , बींस (beans) और दालों का सेवन कम से कम करें। इससे यूरिक एसिड लेवल को कम करने में आसानी होती है।