चने की दाल है डायबिटिक्स के लिए सुपरफूड, शुगर लेवल कम करने के साथ-साथ होते हैं ये 7 फायदे

ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने का काम करती है चने की दाल। यहां पढ़ें इस दाल के सेवन से होने वाले सभी स्वास्थ्य लाभों के बारे में।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 9, 2022 11:56 AM IST

Chana Dal For Diabetics: डाय‍बिटीज में ब्लड शुगर लेवल को नॉर्मल रेंज में रखना महत्वपूर्ण है और इस काम में डाइट की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जैसा कि डायबिटीज के मरीजों को अपने खान-पान को लेकर बहुत अधिक सावधान रहना पड़ता है क्योंकि वे जो भी फूड्स खाते या पीते हैं उनसे उनके ब्लड शुगर लेवल में स्पाइक आ सकता है जो उनके लिए नुकसानदायक है। हाई ब्लड शुगर लेवल डायबिटीज से जुड़ी कॉम्प्लिकेशन्स को बढ़ा सकता है और इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को ऐसी चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए जो उनके शरीर का पोषण करने के साथ-साथ ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने का काम करें। ऐसा ही एक देसी फूड है चने की दाल जो भारत में रोजमर्रा की डाइट में शामिल की जानेवाली एक कॉमन और महत्वपूर्ण दाल है।

चना दाल वेट लॉस, हाई बीपी कंट्रोल करने और पेट को आराम दिलानेवाली दाल मानी जाती है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसीलिए, गर्मियों में इसका सेवन अच्छा माना जाता है। वहीं, डायबिटीज में चने की दाल का सेवन करने से मधुमेह रोगियों को बहुत अधिक लाभ हो सकता है।(Chana Dal For Diabetics In Hindi)

क्यों है डायबिटीज में चने की दाल का सेवन  लाभकारी

  1. चना की दाल एक लो ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स है। जीआई या ग्लाइसेमिक इंडेक्स जितना कम होता है उस आधार पर ब्लड शुगर लेवल बढ़ने की संभावना उतनी ही कम होती है। इसीलिए, चने की दाल का सेवन डायबिटीज पेशेंट्स के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है।
  2. पौष्टिक होने के साथ-साथ चने की दाल ग्लूकोज के अवशोषण में शरीर की मदद करती है जिससे डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
  3. चने की दाल में डाइटरी फाइबर पाया जाता है जो शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। जिससे वजन कम होता है और डायबिटीज मैनेजमेंट में आसानी होती है।
  4. इस पीली दाल में प्रोटीन मौजूद होता है जो शरीर का पोषण करता है और शरीर को शक्ति देता है।
  5. चने की दाल में जिंक, फोलेट, कैल्शियम और प्रोटीन पाया जाता है जो हाई ब्लड शुगर और हाई बीपी लेवल को कम करने में मदद करता है।

    एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा भी चने की दाल में अधिक होती है जो इम्यूनिटी बढ़ाता है और बीमारियों से बचाव करता है।

  6. चने की दाल एक लो-फैट फूड है जो वेट लॉस में मदद कर सकता है।
  7. यह पचने में आसान होती है और इसीलिए, बाउल से जुड़ी समस्याएं नहीं होती। इससे, कॉन्स्टिपेशन, एसिडिटी और गैस जैसी समस्याएं कम होती हैं।

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