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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 10, 2018 11:19 AM IST
मिठाईयों पर लगाया जाने वाला चांदी का वर्क जितना आकर्षक लगता है, नकली वर्क सेहत के लिए उतना ही हानिकारक भी है। इससे न केवल सेहत के लिए जोखिम है, बल्कि इससे कई तरह के संक्रमण होने का भी खतरा है।
ऐसे करें नकली वर्क की पहचान
अगर आप चांदी के वर्क को हाथ में रखकर हथेली के बीच रगड़ेंगे, तो यह गायब हो जाएगा। लेकिन अगर चांद के वर्क में मिलावट है, तो यह एक बॉल के रूप में एकट्ठा हो जाएगा।
चांदी का वर्क लगी कोई भी मिठाई लेकर इसे अपनी अंगुली पोंछने का प्रयास करें। अगर पोंछते समय यह आपके हाथ में चिपकता है, तो इसका मतलब है इसमें एल्युमिनियम है। लेकिन अगर यह आपके हाथ में नहीं चिपकता और गायब हो जाता है, तो यह पूरी तरह सुरक्षित है।
नकली वर्क थोड़ा मोटा होता है जबकि असली वर्क महीन होता है। अगर मिठाई पर लगे चांदी के वर्क को उतारा जाए और इसे गर्म किया जाए, तो यह चांदी के गोले की तरह तब्दील हो जाएगा। लेकिन अगर वर्क मिलावटी है, तो जलाने पर यह काला पड़ जाता है या फिर राख में बदल जाता है, क्योंकि इसमें एल्यूमिनियम मिला होता है।
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चांदी के वर्क को परखनली में लेकर अगर हाइड्रोक्लोरिक एसिड की एक बूंद डाली जाए तो यह सफेद वेग के साथ टरबाइड हो जाएगा। लेकिन अगर यह मिलावटी है, तो यह टरबाइड नहीं होगा। इसका मतलब है कि इसमें चांदी नहीं, बल्कि एल्युमिनियम है।
चांदी का वर्क अगर असली है, तो यह लंबे समय तक भी टिका रहता है और इसकी चमक कम नहीं होती। लेकिन अगर यह एल्यूमिनियम है, तो पुराना होने पर इसका रंग काला पड़ जाता है।
चित्रस्रोत-Shutterstock.
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