Thyroid Health: हाइपोथायरायडिज्म से रहना है सुरक्षित, तो अवॉइड करें ये 7 फूड आटयम

जब थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) द्वारा थायराइड हार्मोन का निर्माण कम मात्रा में होता है तो ऐसी स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) कहा जाता है। विशेषकर बड़ी उम्र की महिलाओं में यह एक आम समस्या के तौर पर सामने आ रही है। यह एक प्रकार की गंभीर समस्या है। हाइपोथायरायडिज्म कैसे कई गंभीर समस्याओं की जड़ बनता है जानते हैं अपने इस लेख में..

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Written By: intern23.seo | Updated : September 10, 2023 12:46 AM IST

Foods to avoid to prevent hypothyroidism : हमारे शरीर में उपस्थित प्रत्येक ग्रंथि (Thyroid Gland) का अपना एक अलग महत्व है, लेकिन कुछ ग्रन्थियांं ऐसी भी हैं जिनका विशेष योगदान हमारी ओवर ऑल हेल्थ में देखने को मिलता है। यदि ये ग्रंथि ठीक तरह से काम करना बंद कर दें तो हमारी सेहत पर कई तरह के प्रतिकूल असर देखने को मिलते हैं। इन्हीं में शामिल है- थायराइड ग्रंथि, जो हमारे दिल के साथ-साथ पेट के स्वास्थ्य पर भी पूरा असर डालती है।

हाइपोथायरायडिज्म एक गंभीर समस्या है जिसे समय पर रोकना बेहद जरूरी होता है ऐसा ना कर पाने की स्थिति में ये कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स (Health Problem) का कारण बनता है। थायराइड ग्रंथि के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में भोजन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए आपको ये जरूर पता होना चाहिए कि क्या खाने से हाइपोथायरायडिज्म बढ़ता है और क्या खाने से नहीं?

क्या है थायराइड?- (What is Thyroid)

थायराइड हमारे गले में उपस्थित छोटी तितली के आकार की ग्रंथि होती है जिसका काम थायराइड हार्मोन का उत्पादन करना होता है। थायराइड हार्मोन हमारे शरीर में मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।

हाइपोथायरायडिज्म को बढ़ाते हैं ये 7 खाद्य पदार्थ

सोया फूड प्रोडक्ट्स (Soya Food product)

सोया या सोयाबीन में एस्ट्रोजन और फ्लेवोनोइड्स होते हैं, जिन्हें आइसोफ्लेवोंस भी कहा जाता है। जो हमारे शरीर में उपस्थित थायराइड हार्मोन के उपयोग करने की क्षमता को प्रभावित करते है। यदि आप हाइपोथायरायडिज्म की समस्या से ग्रस्त हैं तो आपको सोयाबीन से बने प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

गाइस्ट्रोजन फूड प्रोडक्ट्स

गाइस्ट्रोजन फूड प्रोडक्ट आमतौर पर ऐसी सब्जियां होती है जिन्हें कम समय तक और कम मात्रा में पकाकर खाया जाता है। इसमें फूल गोभी, बंद गोभी, ब्रोकली और पालक जैसी सब्जियां आती हैं। इन सब्जियों में ग्लूकोसिनोलेट्स नाम का एक कंपाउंड पाया जाता है, जो हमारी थायराइड ग्रंथि के सामान्य कामकाज को प्रभावित करता है।

आयोडीन रिच फूड प्रोडक्ट्स  (Iodine Rich Food product)

यदि आप हाइपोथायरायडिज्म की समस्या से परेशान हैं तो हम आपको बता दें कि आपकी डाइट में कोई ऐसा खाद्य पदार्थ ना हो जिसमें आयोडीन की मात्रा उपस्थित हो। आपको चाहिए कि आप आयोडीन युक्त चीजों से खुद को काफी दूर रखें। ऐसे में आप डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे पनीर, मक्खन, दूध, दही आदि का इस्तेमाल ना करें।

कैफीन  (Caffeine)

यदि आप हाइपोथायरायडिज्म से ग्रसित हैं और इसे कंट्रोल करने के लिए दवाओं का सेवन भी कर रहे हैं तो आपको हम बता दें कि फिर इसके साथ आपको कैफीन युक्त फूड्स जैसे चाय, कॉफी आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

अल्कोहल  (Alcohol)

शराब या अल्कोहल युक्त कोई भी पेय पदार्थ थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। वहीं इसके साथ अल्कोहल शरीर में थायराइड हार्मोन को अवशोषण करने की क्षमता को प्रभावित करता है।

चीनी  (Sugar)

चीनी हमारे शरीर में आंतरिक सूजन का एक बड़ा कारण बनती है। यही इन्फ्लेमेशन थायराइड फंक्शन के लिए आवश्यक T4 रूपांतरण में बाधा डालती है।

फैट युक्त आहार  (Foods rich in fats)

फैट युक्त आहार लेने से भी थायराइड हार्मोन की उत्पादन क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। यदि आप हाइपोथायरायडिज्म की समस्या से ग्रस्त हैं तो आपको अधिक वसा युक्त भोजन करने से बचना चाहिए। कुछ अधिक वसा युक्त फूड प्रोडक्ट्स जैसे- डीप फ्राइड फूड, चॉकलेट, मांस, अंडा, मछली आदि आपको निश्चित ही अवॉइड करने चाहिए।

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